पश्चिम बंगाल अंतरिम बजट 2026: डीए बढ़ा, लक्ष्मी भंडार में इजाफा, युवाओं को भत्ता

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कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तीसरे कार्यकाल का अंतिम अंतरिम बजट गुरुवार को विधानसभा में पेश किया गया। चुनाव से ठीक पहले आए इस बजट पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी थीं, और सरकार ने इसमें कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं और फ्रंटलाइन वर्कर्स को साधने की पूरी कोशिश की है।

राज्य की वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दोपहर 2:30 बजे विधानसभा में अंतरिम बजट पेश किया। इससे पहले राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस का बजट भाषण हुआ, जिस पर सदन में करीब एक घंटे तक चर्चा चली। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के आरोपों का भी जवाब दिया।

🔹 डीए में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी

राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया। सुप्रीम कोर्ट में डीए से जुड़े फैसले के ठीक बाद आई इस घोषणा को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

🔹 आशा और आंगनवाड़ी कर्मियों को बड़ी राहत

अंतरिम बजट में आशा कर्मियों, आंगनवाड़ी कर्मियों और आंगनवाड़ी सहायकों के भत्ते में 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके लिए सरकार ने सैकड़ों करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे लाखों महिला कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा।

🔹 सिविक वॉलंटियर और ग्रीन पुलिस का वेतन बढ़ा

राज्य के सिविक वॉलंटियर और ग्रीन पुलिस के मासिक वेतन में भी 1000 रुपये की वृद्धि की गई है। इसके लिए कुल 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

🔹 युवाओं के लिए नई योजना ‘बंगालर युव साथी’

बजट में एक नई योजना ‘बंगालर युव साथी’ की घोषणा की गई है। सत्ता में लौटने पर यह योजना 15 अगस्त से लागू होगी। इसके तहत 21 से 40 वर्ष आयु के माध्यमिक पास युवाओं को प्रति माह 1500 रुपये का भत्ता दिया जाएगा।

🔹 लक्ष्मी भंडार में 500 रुपये की बढ़ोतरी

चुनावी बजट में सबसे ज्यादा चर्चा में रही ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना। इस योजना के तहत लाभार्थियों को मिलने वाली मासिक राशि में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो फरवरी महीने से लागू होगी। फिलहाल सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये और अनुसूचित जाति-जनजाति की महिलाओं को 1200 रुपये मिलते हैं।

🔹 विकास परियोजनाओं पर भी जोर

बजट में बारुईपुर में ‘कल्चरल सिटी’ के निर्माण की घोषणा की गई है। साथ ही राज्य में छह इंडस्ट्रियल एंड इकोनॉमिक कॉरिडोर, और लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योगों के लिए पांच नए इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे।

🔹 चुनाव से पहले आखिरी बजट

यह बजट ममता बनर्जी सरकार के तीसरे कार्यकाल का आखिरी बजट है। ऐसे में इसे जनकल्याण और चुनावी संतुलन का बजट माना जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में सामाजिक योजनाएं और मजबूत की जाएंगी।

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