पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर केंद्र और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करने जा रही हैं। तृणमूल कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी 1 फरवरी को दिल्ली के लिए रवाना होंगी और 2 फरवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेंगी।
इस अहम बैठक में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहेंगे। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को 2 फरवरी की शाम 4 बजे दिल्ली में मिलने का समय दिया है। इस दौरान अधिकतम 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात की अनुमति दी गई है।
🔍 SIR प्रक्रिया पर सीधे सवाल
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई हैं। उनका आरोप है कि विधानसभा चुनाव से पहले इस प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं, जिससे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचेगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि SIR से प्रभावित कुछ लोग भी मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली जा सकते हैं और ममता बनर्जी उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के दौरान साथ ले जाने पर विचार कर रही हैं।
🤝 विपक्षी एकजुटता की कोशिश
दिल्ली दौरे के दौरान ममता बनर्जी कई विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात कर सकती हैं। इस समय संसद का बजट सत्र चल रहा है, ऐसे में विपक्षी खेमे को SIR मुद्दे पर एकजुट करने की रणनीति भी इस दौरे का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
⏸️ पहले टल चुका था दौरा
उल्लेखनीय है कि इससे पहले ममता बनर्जी को हुगली जिले के सिंगुर में रैली के बाद दिल्ली जाना था, लेकिन महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु की खबर के बाद उन्होंने अपना दौरा कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया था।
🔥 SIR के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन की तैयारी
तृणमूल कांग्रेस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि SIR प्रक्रिया के खिलाफ उसकी लड़ाई केवल बंगाल तक सीमित नहीं रहेगी। पार्टी नेताओं के अनुसार, ममता बनर्जी का यह दिल्ली दौरा SIR के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा उठाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई थी। उसी दिन ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में इसके विरोध में सड़क मार्च किया था। उस रैली में दोनों नेताओं ने चेतावनी दी थी कि यदि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से हटाया गया, तो तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे को दिल्ली तक ले जाएगी।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव आयोग के साथ होने वाली यह मुलाकात किस दिशा में जाती है और क्या SIR को लेकर कोई बड़ा राजनीतिक टकराव सामने आता है।











