आसनसोल:
विश्व कुष्ठ रोग दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सामाजिक संगठन सर बांग्ला कुष्ठ कल्याण समिति की ओर से आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन शहर की 12 कुष्ठ कॉलोनियों में रहने वाले कुष्ठ पीड़ित परिवारों की ओर से दिया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि पहले कुष्ठ पीड़ित परिवार फर्स्ट कॉलोनी और रेल कॉलोनी के आसपास निवास करते थे, लेकिन रेलवे प्रशासन द्वारा वहां से हटाए जाने के बाद ये परिवार दामोदर नदी के किनारे अस्थायी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। नदी किनारे रहने के कारण इन्हें हर साल बाढ़, बीमारी और असुरक्षा का खतरा झेलना पड़ता है।
🏚️ स्थायी पुनर्वास सबसे बड़ी मांग
कुष्ठ पीड़ित परिवारों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से स्थायी पुनर्वास की मांग की है, ताकि वे सम्मानपूर्वक और सुरक्षित जीवन जी सकें। उनका कहना है कि वर्षों से आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
🚰 मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव
इसके साथ ही ज्ञापन में लच्छीपुर लेप्रोसी कॉलोनी क्षेत्र की गंभीर समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया। कॉलोनी में
- तालाब की मरम्मत,
- जर्जर रास्तों की मरम्मत,
- स्वच्छ पेयजल,
- उचित जलनिकासी और
- स्वास्थ्य सुविधाओं
की तत्काल आवश्यकता बताई गई है।
🗣️ सामाजिक सम्मान और अधिकार की मांग
कुष्ठ कल्याण समिति के सदस्यों ने कहा कि कुष्ठ रोग आज पूरी तरह से उपचार योग्य है, फिर भी पीड़ित परिवार सामाजिक उपेक्षा और अव्यवस्था का शिकार हैं। विश्व कुष्ठ रोग दिवस पर उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की।
मेयर विधान उपाध्याय ने ज्ञापन प्राप्त कर समस्याओं पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया और कहा कि नगर निगम स्तर पर संबंधित विभागों से बातचीत कर समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।











