अयोध्या में श्रीरामलला के जन्मस्थान पर निर्मित श्रीराम मंदिर के तृतीय स्थापना दिवस के पावन अवसर पर पश्चिम बर्धमान जिले के सीतारामपुर में भव्य, रंगारंग और श्रद्धा से परिपूर्ण शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह शोभायात्रा आसनसोल के अंतर्गत कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के सीतारामपुर से प्रारंभ हुई और पूरे इलाके को राममय बना दिया।
🚩 स्टेशन रोड से देवी मंदिर तक गूंजा जय श्रीराम
शोभायात्रा सीतारामपुर से स्टेशन रोड होते हुए नियामतपुर जीटी रोड के रास्ते नियामतपुर देवी मंदिर तक पहुंची। वहां विशेष पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा पुनः सीतारामपुर लौटकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
इस आयोजन का नेतृत्व सीतारामपुर की समाजसेवी संस्था आदिकर्णा फाउंडेशन ने किया, जिनकी ओर से पूरे कार्यक्रम की भव्य तैयारियाँ की गई थीं।
🎭 पुरुलिया का छौ नृत्य बना आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण पुरुलिया जिले से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छौ नृत्य रहा। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों की गूंज और ऊर्जावान नृत्य ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सड़क के दोनों ओर खड़े लोग मोबाइल कैमरों में इस दृश्य को कैद करते नजर आए।
🪔 कलश और भगवा ध्वज से सजा भक्तिमय माहौल
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय युवतियाँ सिर पर कलश और हाथों में धार्मिक झंडे लेकर शामिल हुईं। भगवा ध्वज, श्रीराम के जयघोष और भक्ति गीतों से पूरा सीतारामपुर क्षेत्र भक्तिरस में डूब गया।
कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं का कहना था कि अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
🙏 सामाजिक सौहार्द और आस्था का संदेश
आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता से जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों की विशेष तैनाती की गई थी।











