कोलकाता।
पश्चिम बंगाल में एक बार फिर सेंट्रल एजेंसी डायरेक्टरेट ऑफ एनफोर्समेंट (ED) ने बड़ा एक्शन लेते हुए कोल स्मगलिंग मामले में जांच तेज कर दी है। ईडी ने इस बहुचर्चित कोयला तस्करी केस में 7 लोगों को समन जारी कर पूछताछ के लिए अपने कार्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया है।
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, इन समनों का मकसद कोयला तस्करी से हुई अवैध कमाई के स्रोत और उसके अंतिम लाभार्थियों (Beneficiaries) तक पहुंचना है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह पैसा कहां-कहां ट्रांसफर हुआ और किन-किन लोगों तक पहुंचा।
🔍 कमाई का पूरा नेटवर्क खंगाल रही ईडी
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले की पूछताछ और जब्त दस्तावेजों के आधार पर इन 7 लोगों को बुलाया गया है। इनसे उनकी आय के स्रोत, बैंक लेन-देन और कोयला कारोबार से जुड़े संबंधों को लेकर विस्तार से पूछताछ की जाएगी।
अधिकारी ने साफ किया कि एजेंसी का फोकस सिर्फ तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस अवैध नेटवर्क में बंगाल के कोई प्रभावशाली चेहरे भी शामिल हैं।
🏛️ राजनीतिक गलियारों में हलचल
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ईडी ने राजनीतिक रणनीति बनाने वाली कंपनी आई-पैक (Indian Political Action Committee) के सॉल्ट लेक स्थित ऑफिस और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित फ्लैट पर भी छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के बाद से ही बंगाल की राजनीति में खलबली मची हुई है।
📈 15 लोगों को भेजा जा चुका है नोटिस
ईडी अधिकारियों के अनुसार, कोलकाता और झारखंड से जुड़े कोयला तस्करी मामलों में अब तक 15 लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। एजेंसी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, और भी नाम सामने आ सकते हैं।
ईडी ने यह भी कहा कि सबूतों और पूछताछ में सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।











