आसनसोल:
आसनसोल नगर निगम परिसर शुक्रवार को एक बार फिर आशा कर्मियों के जोरदार धरना-प्रदर्शन का गवाह बना। नगर निगम के अधीन कार्यरत सैकड़ों आशा कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की और निगम परिसर में धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए नगर निगम क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
आशा कर्मियों का कहना है कि वे लंबे समय से वेतन वृद्धि, नियमित मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और कार्य सुविधाओं जैसी बुनियादी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं, लेकिन बार-बार ज्ञापन देने और प्रदर्शन करने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे आशा कर्मियों में गहरा असंतोष और आक्रोश है।
धरना स्थल पर मौजूद आशा कर्मियों ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनके मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई। सीमित संसाधनों और अत्यधिक कार्यभार के बीच काम करना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है। कई कर्मियों ने आरोप लगाया कि कोरोना काल में फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में सेवा देने के बावजूद उन्हें आज भी उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
🔴 आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र रूप देने के लिए बाध्य होंगी। भविष्य में नगर निगम कार्यालय के घेराव और बड़े आंदोलन की भी चेतावनी दी गई है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान आशा कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की। मौके पर स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए निगम प्रशासन और पुलिस की नजर बनी रही।
अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन आशा कर्मियों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है, या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज होता है।











