दुर्गापुर | संवाददाता:
दुर्गापुर के अर्जुनपुर इलाके में शुक्रवार तड़के उस समय भारी तनाव फैल गया, जब उच्छेद के नाम पर अमानवीय कार्रवाई का आरोप सामने आया। यह उच्छेद अभियान डीवीसी (दामोदर वैली कॉरपोरेशन) के डीटीपीएस क्षेत्र में नए पावर यूनिट और अस्पताल के निर्माण के लिए चलाया गया।
🏚️ टाइल की छत वाला घर तोड़े जाने का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, डीवीसी की जमीन पर लंबे समय से रह रहे चाइना बाउरी के टाइल की छत वाले मकान को जबरन गिरा दिया गया। आरोप है कि उच्छेद से पहले न तो किसी वैकल्पिक व्यवस्था की गई और न ही परिवार की स्थिति पर ध्यान दिया गया।
🏥 कैंसर पीड़ित होने का दावा, राजनीति तेज
घटना के बाद मामला और गरमा गया जब तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि चाइना बाउरी कैंसर से पीड़ित हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति के साथ भी कोई मानवीय रवैया नहीं अपनाया गया।
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद अरविंद नंदी मौके पर पहुंचे और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय और पुनर्वास नहीं मिला, तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।
🏢 डीवीसी का पक्ष
वहीं दूसरी ओर, डीवीसी प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज किया। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित जमीन पर अवैध कब्जा था और इस संबंध में पहले ही कई नोटिस जारी किए जा चुके थे।
डीवीसी के अनुसार, क्षेत्र में प्रस्तावित नया पावर यूनिट और अस्पताल जनहित की परियोजना है और निर्माण कार्य के लिए भूमि खाली कराना आवश्यक था।
🚓 पुलिस तैनात, हालात तनावपूर्ण
घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी और माहौल तनावपूर्ण हो गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों में नाराज़गी बनी हुई है।
❓ उठते सवाल
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—
- क्या विकास के नाम पर मानवीय संवेदनाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है?
- गंभीर रूप से बीमार लोगों के पुनर्वास की जिम्मेदारी किसकी है?
- क्या उच्छेद से पहले सामाजिक और मानवीय पहलुओं पर विचार किया गया?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में दुर्गापुर औद्योगिक क्षेत्र में बड़ा आंदोलन बन सकता है।











