आसनसोल | 16 जनवरी 2026:
देशभर में तेजी से बढ़ रहे गायनेकोलॉजिकल कैंसर और जटिल न्यूरोलॉजिकल बीमारियों को लेकर मणिपाल हॉस्पिटल्स ने आसनसोल में एक महत्वपूर्ण जागरूकता पहल की। मणिपाल हॉस्पिटल्स के पेशेंट एजुकेशन प्रोग्राम ‘अन्वेषण – मेडिकल एजुकेशन फॉर मीडिया’ के तहत एक इंटरएक्टिव मीडिया अवेयरनेस सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें बीमारियों के बदलते स्वरूप, शुरुआती पहचान और अत्याधुनिक इलाज के विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस विशेष सत्र का नेतृत्व डॉ. अरुणाभ राय, कंसल्टेंट – गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी और डॉ. सुंदरम बसु, सीनियर कंसल्टेंट – न्यूरो-सर्जरी ने किया। दोनों विशेषज्ञों ने बताया कि आज के दौर में समय पर निदान, मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों तक पहुंच मरीजों की जीवन-रक्षा और जीवन-गुणवत्ता सुधारने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।
महिलाओं में कैंसर और ब्रेन डिसऑर्डर चिंता का विषय
चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल, ओवेरियन और यूटेराइन कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। साथ ही मस्तिष्क ट्यूमर, स्पाइनल डिसऑर्डर, स्ट्रोक से जुड़ी जटिलताएं और ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
डॉक्टरों ने बताया कि जागरूकता की कमी और लक्षणों को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति के कारण कई मरीज बहुत देर से अस्पताल पहुंचते हैं, जब बीमारी अंतिम चरण में होती है। ऐसे मामलों में इलाज जटिल और जोखिमपूर्ण हो जाता है।
आधुनिक तकनीक और टीमवर्क से बेहतर परिणाम
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि आज न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी, रोबोटिक तकनीक, एडवांस इमेजिंग और न्यूरो-नेविगेशन जैसी आधुनिक सुविधाओं से इलाज के परिणाम पहले से कहीं अधिक बेहतर हुए हैं। मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम—जिसमें सर्जन, ऑन्कोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और रिहैबिलिटेशन एक्सपर्ट शामिल होते हैं—मरीजों को समग्र इलाज देने में अहम भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम के अंत में मणिपाल हॉस्पिटल्स की ओर से यह संदेश दिया गया कि समय पर जांच, सही जानकारी और विशेषज्ञ इलाज ही गंभीर बीमारियों से लड़ने का सबसे मजबूत हथियार है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि समाज के हर वर्ग तक सही स्वास्थ्य जानकारी पहुंच सके।











