रांची:
झारखंड की राजधानी रांची में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एयरपोर्ट थाना की पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में रेड की। इस अप्रत्याशित कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मामला अब केवल कानूनी नहीं, बल्कि पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है।
⚖️ क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, पेयजल विभाग के कर्मचारी संतोष कुमार ने एयरपोर्ट थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि दो दिन पहले ईडी अधिकारियों प्रतीक और शुभम ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया और इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई। इसी शिकायत की जांच के सिलसिले में रांची पुलिस की टीम ED कार्यालय पहुंची।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से ही झारखंड की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दल भाजपा ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।
🚨 ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
एयरपोर्ट थाना में दर्ज एफआईआर के अनुसार, संतोष कुमार का आरोप है कि पूछताछ के नाम पर उनके साथ शारीरिक उत्पीड़न किया गया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, ED की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
🗣️ बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर बड़ा हमला
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि—
“रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय को रांची पुलिस द्वारा घेरने की सूचना मिल रही है। ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पुलिस-प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामलों से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। आशंका है कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में इन अहम साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने का प्रयास किया जा सकता है।”
मरांडी ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी झारखंड में ED के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं और झामुमो-कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जांच एजेंसी पर हमले की कोशिशें हो चुकी हैं। उन्होंने इसे जांच एजेंसियों के स्वतंत्र और निष्पक्ष काम में बाधा बताया।
🛡️ केंद्रीय सुरक्षा बल की मांग
बाबूलाल मरांडी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और गृह मंत्रालय से आग्रह किया है कि रांची स्थित ED कार्यालय की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की जाए, ताकि किसी भी प्रकार से सबूतों के साथ छेड़छाड़ न हो सके।
🔥 संजय सेठ ने भी साधा निशाना
इस मामले पर केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने भी प्रतिक्रिया देते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला और पुलिस कार्रवाई को संदिग्ध करार दिया।
❓ आगे क्या?
फिलहाल ED अधिकारियों पर लगे मारपीट के आरोपों की जांच जारी है। वहीं दूसरी ओर, यह मामला झारखंड में कानून व्यवस्था बनाम राजनीतिक हस्तक्षेप की बड़ी बहस को जन्म दे चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और सच्चाई कब सामने आती है।











