कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपनी चुनावी रणनीति को और धारदार बना दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता के साइंस सिटी के सामने स्थित विश्व बांग्ला मेला प्रांगण में एक भव्य आयोजन के दौरान ‘आमी बांग्लार डिजिटल जोद्धा’ (Ami Banglar Digital Joddha – ABDJ) अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अभियान के जरिए तृणमूल कांग्रेस ने अपनी ‘डिजिटल एयर फोर्स’ को 2026 की चुनावी जंग के लिए मैदान में उतार दिया है।
🛡️ आर्मी, नेवी और एयर फोर्स: टीएमसी की तीन सेनाएं
एबीडीजे कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जैसे देश की सुरक्षा के लिए आर्मी, नेवी और एयर फोर्स होती हैं, उसी तरह तृणमूल कांग्रेस की भी तीन मजबूत सेनाएं हैं।
- बूथ स्तर के कार्यकर्ता पार्टी की आर्मी हैं
- संसद, अदालत और जनता के बीच लड़ने वाले नेता नेवी हैं
- सोशल मीडिया पर सक्रिय कार्यकर्ता पार्टी की एयर फोर्स हैं
उन्होंने साफ कहा कि टीएमसी की इन तीनों सेनाओं में कोई भेद नहीं है, सभी का लक्ष्य एक ही है—बंगाल और बंगालियों की रक्षा।
📱 सोशल मीडिया योद्धा हैं टीएमसी की एयर फोर्स
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया टीम की भूमिका को सबसे तेज और सटीक बताते हुए कहा कि टीएमसी की एयर फोर्स अपनी स्पीड, पहुंच और सटीक मारक क्षमता के लिए जानी जाती है। ये डिजिटल योद्धा दिन-रात विपक्ष के प्रचार और दुष्प्रचार का जवाब देते हैं और बंगाल-विरोधी साजिशों को नाकाम करने में जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा कि ये कार्यकर्ता ‘मां, माटी और मानुष’ की विचारधारा को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर घर तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
🧱 बूथ कार्यकर्ता पार्टी की असली ताकत
अभिषेक ने जोर देकर कहा कि बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता तृणमूल कांग्रेस की सबसे बड़ी पूंजी हैं। जो लोग झंडा लगाते हैं, दीवारों पर नारे लिखते हैं, घर-घर जाकर प्रचार करते हैं—वे पार्टी की रीढ़ हैं और किसी भी चुनाव में जीत की बुनियाद रखते हैं।
⚔️ 2026 की जंग के लिए पूरी तरह तैयार टीएमसी
राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि 2026 की लड़ाई के लिए तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह तैयार है। हाल ही में नदिया जिले के ताहिरपुर में ‘जोतोई कोरो हामला, आबार जीतबे बांग्ला’ अभियान की शुरुआत के बाद अब ‘आमी बांग्लार डिजिटल जोद्धा’ अभियान लॉन्च किया गया है।
इस आयोजन में बंगाल के विभिन्न जिलों से आए करीब 10 हजार सोशल मीडिया कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने आगामी चुनाव में डिजिटल मोर्चे पर पूरी ताकत से लड़ने का संकल्प लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी का यह डिजिटल अभियान आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है और चुनावी मुकाबले को और तेज करेगा।











