अब मंत्री-अफसर नहीं, हर यात्री बराबर: वंदे भारत स्लीपर का नया नियम

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नई दिल्ली:
भारतीय रेलवे जल्द ही यात्रियों को एक बिल्कुल नया अनुभव देने जा रहा है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में न सिर्फ अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, बल्कि वर्षों से चले आ रहे VIP कल्चर पर भी पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी। रेलवे के अनुसार, इन ट्रेनों में सभी यात्रियों के लिए नियम एक समान होंगे।

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में केवल कंफर्म टिकट पर ही यात्रा संभव होगी। इनमें न तो किसी तरह का वीआईपी कोटा होगा और न ही अधिकारियों या मंत्रियों के लिए कोई विशेष आरक्षण व्यवस्था। इतना ही नहीं, RAC टिकट का विकल्प भी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। यानी सीट या बर्थ तभी मिलेगी जब टिकट पूरी तरह कंफर्म हो।

सूत्रों के मुताबिक, इन ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी पास सिस्टम लागू नहीं होगा, जिससे सभी यात्रियों को समान अवसर मिल सके। रेलवे का उद्देश्य है कि टिकट वितरण में पूरी पारदर्शिता बनी रहे और किसी के साथ भेदभाव न हो।

सुविधाओं की बात करें तो वंदे भारत स्लीपर में उच्च गुणवत्ता वाला बेडरोल दिया जाएगा। कंबल के साथ कवर भी उपलब्ध होगा, जिससे सफर अधिक आरामदायक और स्वच्छ बन सके। ट्रेन के अंदरूनी डिजाइन में भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रेन स्टाफ के लिए भारतीय परंपरा पर आधारित ड्रेस कोड तय किया जाएगा। साथ ही, यात्रियों को मिलने वाले भोजन में देसी जायकों का खास ध्यान रखा जाएगा। क्षेत्रीय और पारंपरिक भारतीय व्यंजनों को प्राथमिकता दी जाएगी।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें पूरी तरह भारतीय संस्कृति से प्रेरित होंगी और इनमें किसी भी तरह का औपनिवेशिक (कोलोनियल) प्रभाव नहीं होगा। यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच को भी मजबूत करती है।

कुल मिलाकर, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेल के इतिहास में एक ऐसा कदम साबित हो सकती है, जो समानता, सुविधा और संस्कृति—तीनों को एक साथ आगे बढ़ाएगा

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