आसनसोल।
12 जनवरी 2026 को महान हिंदू संत, दार्शनिक और राष्ट्रनिर्माता स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती पूरे देश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने भारत के युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्र निर्माण और सनातन संस्कृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया।
स्वामी विवेकानंद जी केवल एक संत ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक क्रांतिकारी, प्रखर देशभक्त और हिंदू सनातन संस्कृति के महान प्रेरणास्रोत थे। उनका अमर संदेश —
“उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको”
आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक मंत्र बना हुआ है। उन्होंने युवाओं को अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र पर गर्व करना सिखाया।
स्वामी विवेकानंद जी के लिए पश्चिम बंगाल हिंदू संस्कृति और सभ्यता का केंद्र बिंदु रहा है। लेकिन वर्तमान समय में तुष्टिकरण की राजनीति के चलते बंगाल की पारंपरिक हिंदू पहचान और सांस्कृतिक चेतना के क्षीण होने को लेकर समाज में चिंता बढ़ रही है।

इसी पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी) के अवसर पर बंगाल में हिंदू संस्कृति और युवाओं में नई चेतना जागृत करने के उद्देश्य से आसनसोल के विशिष्ट समाजसेवी एवं ऊर्जावान भाजपा नेता श्री कृष्णा प्रसाद जी के नेतृत्व में एक विराट एवं भव्य बाइक रैली का आयोजन किया जा रहा है।
यह भव्य बाइक रैली 12 जनवरी 2026 को सुबह 9:00 बजे
आसनसोल स्थित माँ घाघरबूड़ी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात प्रारंभ होगी। इसके बाद यह रैली स्वामी विवेकानंद जी के आध्यात्मिक गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस जी के मंदिर तक गाजे-बाजे, नारों और उत्साह के साथ निकाली जाएगी।
रैली के माध्यम से युवाओं को सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और आत्मगौरव से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
भाजपा नेता श्री कृष्णा प्रसाद जी ने सभी सम्मानित नागरिकों, युवाओं और सनातन संस्कृति से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे इस विराट बाइक रैली में शामिल होकर स्वामी विवेकानंद जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करें और इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाएं।
आसनसोल में होने वाली यह बाइक रैली न केवल एक आयोजन होगी, बल्कि बंगाल में हिंदू चेतना, युवा शक्ति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संदेश भी देगी।











