👉 कोयला तस्करी मामले में फंसे प्रतीक जैन को लेकर मचे बवाल की पढ़ें पूरी स्टोरी, राजीव कुमार प्रकरण की यादें ताजा
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हाई वोल्टेड सियासी ड्रामा शुरू हो गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के दफ्तर और इसके निदेशक प्रतीक जैन से जुड़े ठिकानों पर छापे मारे, जो ममता बनर्जी की टीएमसी से जुड़े हैं। कोलकाता के साथ ही दिल्ली में भी रेड जारी है। कुल 10 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है। प्रतीक टीएमसी के आईटी सेल के हेड भी हैं। इस घटनाक्रम के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव और तेज होने के आसार हैं। सीजीओ कॉम्प्लैक्स स्थित ईडी दफ्तर की सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय बलों के जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
पश्चिम बंगाल में कोलकाता समेत 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। कोलकाता में प्रतीक छापेमारी के दौरान घर पर ही मौजूद रहे। यह कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा।
सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं।
इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और केंद्रीय एजेंसियों पर TMC के डॉक्यूमेंट्स चुराने का आरोप लगाया। इस दौरान ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को शरारती होम मिनिस्टर बताया। डॉक्यूमेंट ‘चोरी’ के आरोप के बाद, दफ्तर में मौजूद कुछ फाइलों को उठाकर ममता बनर्जी के काफिले की गाड़ी में रखा गया।
अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन फाइलों के अंदर कौन जानकारी सुरक्षित है, जिसे जल्दबाजी में कार के अंदर रखवाया गया। इसका जवाब, तभी मिल सकेगा जब टीएमसी की तरफ से इससे जुड़ा कोई स्टेटमेंट जारी किया जाएगा।
इधर, इस मामले ने कोलकाता पुलिस के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार प्रकरण की यादें फिर एक बार ताजा कर दी हैं, जब केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई उनके ठिकानों पर पहुंची थी तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सड़क पर उतर आई थीं।
केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ ममता ने पूरे राज्य में आंदोलन करने का किया ऐलान
सीएम ममता ने कहा- क्या ईडी और अमित शाह का काम पार्टी की हार्ड डिस्क और उम्मीदवारों की सूची जब्त करना है? यह एक घटिया और शरारती गृह मंत्री है, जो देश की सुरक्षा नहीं कर पा रहा है। मेरी पार्टी के सभी दस्तावेज उठा ले जाया जा रहा है। एक तरफ वे पश्चिम बंगाल में SIR के जरिए मतदाताओं के नाम हटाने का काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
मुझे माफ करें प्रधानमंत्री जी, कृपया अपने गृह मंत्री को कंट्रोल करें। अगर आप (BJP) हमसे लड़ नहीं सकते, तो आप बंगाल क्यों आ रहे हैं? हमें लोकतांत्रिक तरीके से हराइए। आप हमारी एजेंसियों का इस्तेमाल हमारे कागजात, हमारी रणनीति, हमारे वोटर्स, हमारे डेटा, हमारे बंगाल को लूटने के लिए कर रहे हैं। यह सब करके, आपको जितनी सीटें मिल रही थीं, वे घटकर जीरो हो जाएंगी।”
भाजपा ने कहा- ममता ने केंद्रीय एजेंसियों के काम में दखल दिया
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा- ‘मैं छापेमारी पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। ED डिटेल्स दे सकती है। ममता बनर्जी ने केंद्रीय एजेंसियों के काम में दखल दिया। ममता ने आज जो किया, वह जांच में बाधा डालना था। मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। IPAC ऑफिस में वोटर लिस्ट क्यों मिली। क्या IPAC कोई पार्टी ऑफिस है।’
ED ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ममता बनर्जी पर लगाए कई गंभीर आरोप
ईडी ने गुरुवार दोपहर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आज अनूप माझी उर्फ लाला और अन्य के खिलाफ CBI कोलकाता FIR नंबर RC0102020A0022, तारीख 27.11.2020 के आधार पर तलाशी ली जा रही है, जिसके लिए ED ने ECIR/17/HIU/2020 तारीख 28.11.2020 के तहत ECIR दर्ज किया था। जांच के दौरान पता चला कि अनूप माझी के नेतृत्व वाला कोयला तस्करी सिंडिकेट पश्चिम बंगाल के ECL लीजहोल्ड इलाकों से कोयला चुराता था और अवैध रूप से खुदाई करता था।
इसके बाद, यह कोयला बांकुड़ा, बर्धमान, पुरुलिया और पश्चिम बंगाल के अन्य जिलों में स्थित विभिन्न फैक्ट्रियों/प्लांटों में बेचा जाता था।
जांच में पता चला कि इस कोयले का एक बड़ा हिस्सा शाकंभरी ग्रुप ऑफ कंपनियों को बेचा गया था। जांच में हवाला ऑपरेटरों से भी लिंक का पता चला। विभिन्न व्यक्तियों के बयानों सहित कई सबूतों ने हवाला कनेक्शन की पुष्टि की। जांच में पता चला कि कोयला तस्करी से होने वाली कमाई को ठिकाने लगाने से जुड़ा एक हवाला ऑपरेटर IPAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को करोड़ों रुपये के लेनदेन में मदद कर रहा था। कोयला तस्करी से होने वाली कमाई, हवाला ऑपरेटरों और हैंडलर्स से जुड़े लोगों को 08.01.2026 को PMLA तलाशी में शामिल किया गया है। IPAC भी हवाला पैसे से जुड़ी संस्थाओं में से एक है।

आज की कार्रवाई के दौरान, पश्चिम बंगाल में 6 जगहों और दिल्ली में 4 जगहों पर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान, दक्षिण कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और सारणी पुलिस स्टेशन के ऑफिसर इंचार्ज 01 कर्मी के साथ अधिकारियों की पहचान वेरिफाई करने के लिए एक जगह पर आए। कोलकाता के पुलिस कमिश्नर भी कुछ ही देर बाद कोलकाता पुलिस के कई अधिकारियों के साथ उस जगह पर पहुंचे। अधिकृत अधिकारी ने उन्हें कार्यवाही के बारे में जानकारी दी और उन्हें अपना पहचान पत्र भी दिखाया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री, सुश्री ममता बनर्जी के बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के साथ आने तक कार्यवाही शांतिपूर्ण और पेशेवर तरीके से चल रही थी। सुश्री बनर्जी प्रतीक जैन के आवासीय परिसर में घुस गईं और फिजिकल दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित महत्वपूर्ण सबूत ले गईं। इसके बाद CM का काफिला I-PAC के ऑफिस पहुंचा, जहां से ममता बनर्जी, उनके सहयोगियों और राज्य पुलिस कर्मियों ने जबरन फिजिकल डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक सबूत हटा दिए।
उपरोक्त कार्रवाइयों से PMLA के तहत चल रही जांच और कार्यवाही में बाधा आई है। यह साफ किया जाता है कि यह तलाशी सबूतों पर आधारित है और किसी भी राजनीतिक संस्थान को निशाना नहीं बनाया गया है। किसी भी पार्टी ऑफिस की तलाशी नहीं ली गई है। यह तलाशी किसी भी चुनाव से जुड़ी नहीं है, और मनी लॉन्ड्रिंग पर नियमित कार्रवाई का हिस्सा है। यह तलाशी स्थापित कानूनी सुरक्षा उपायों के अनुसार सख्ती से की गई है।











