👉 बीजेपी के मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोपों के जवाब में टीएमसी ने बनाई रणनीति
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा होने में अब अधिकतम डेढ़ माह शेष रह गए हैं। चुनावी बयान बहनी शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग भी अपने स्तर से तैयारियों में जुटा हुआ है। फिलहाल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य किया जा रहा है। राजनीतिक दलों की ओर से भी जीत की सीढ़ी तैयार की जा रही है। सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस अपनी लहर को कायम रखने के लिए आमादा है, तो वहीं राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी इस बार बदलाव के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।
हर बार की तरह इस बार चुनाव के पहले ध्रुवीकरण की राजनीति तेज हो गई है। मंदिर-मस्जिद निर्माण की होड़ लगी है। तुष्टीकरण के ठप्पे से बाहर निकलने की भी कवायद की जा रही है। टीएमसी ने निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद के निर्माण की आधारशिला रख दी है। एक अन्य तृणमूल विधायक जाकीर हुसैन ने मुर्शिदाबाद में ही भव्य कृष्ण मंदिर बनाने का ऐलान किया है। बाबरी मस्जिद के जवाब में बीजेपी की ओर से भी राम मंदिर बनाने का ऐलान किया है।
इन सबके बीच राज्य की मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी का फोकस सॉफ्ट हिन्दुत्व पर टिक गया है। दीघा में भव्य जगन्नाथ मंदिर बन चुका है। महज आठ माह में ही यहां एक करोड़ पुण्यार्थी पहुंच चुके है। अब सीएम ममता ने कोलकाता में अपने महत्वाकांक्षी ‘दुर्गा आंगन’ कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रख दी है। उन्होंने बताया कि यहां साल के 365 दिन मां दुर्गा के दर्शन होंगे और यह बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का प्रयास है। सीएम ममता ने बताया कि यह दुनिया का सबसे बड़ा दुर्गा आंगन होगा, जहां रोजाना एक लाख श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गा पूजा के साथ-साथ यह परिसर एक सांस्कृतिक केंद्र होगा, जो स्थानीय व्यापार और हस्तशिल्प को बढ़ावा देगा। यूनेस्को द्वारा कोलकाता की दुर्गा पूजा को ‘अमूर्त विरासत’ का दर्जा दिए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्गा आंगन बंगाल की ‘एकता में विविधता’ का प्रतीक है। इस कॉम्प्लेक्स का निर्माण दो लाख वर्ग फुट में होगा, इसका गर्भगृह 54 मीटर ऊंचा होगा।
पूरे दुर्गा आंगन परिसर में 108 प्रतिमाएं और 64 सिंह मूर्तियां होंगी, साथ ही एक सांस्कृतिक संग्रहालय (Cultural Meuseam) भी बनेगा। ममता बनर्जी ने कहा कि इस परिसर के संचालन के लिए मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक ट्रस्ट बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में पश्चिम बंगाल देश में दूसरे स्थान पर है और जल्द ही यह पहले स्थान पर होगा।
ममता ने हिंदू स्थलों के लिए गिनाए अपने काम
उन्होंने दक्षिणेश्वर स्काईवॉक, कालीघाट मंदिर पुनर्विकास, गंगासागर के कपिल मुनि आश्रम और नए पुल के निर्माण सहित हिंदू धार्मिक स्थलों के लिए अपनी सरकार के कार्यों की सूची भी गिनाई। ममता बनर्जी ने कहा- ‘गंगासागर मेला पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा अपने स्वयं के कोष से आयोजित किया जाता है, हमें किसी से कोई सहायता नहीं मिलती। मैंने वहां पुल निर्माण के लिए केंद्र से 12 वर्षों तक सहायता प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब हमने नए पुल के लिए 1700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को नदी पार न करनी पड़े। मैं 5 जनवरी को इसकी आधारशिला रखूंगी। हमने नवद्वीप (Nabadwip) को एक पवित्र नगर घोषित किया है और हम मायापुर (चैतन्य महाप्रभु की जन्मस्थली) के लिए सरकारी सहायता प्रदान कर रहे हैं।
सिलीगुड़ी में रखी जाएगी महाकाल मंदिर की आधारशिला
इस बीच ममता सरकार ने उत्तर बंगाल के प्रमुख शहर सिलीगुड़ी में भव्य महाकाल मंदिर बनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कुछ माह पहले ही इसकी घोषणा की थी। अब जनवरी माह के मध्य में इस मंदिर की आधारशिला रखे जाने की योजना है। दावा किया जा रहा है कि भगवान शिव को समर्पित यह महाकाल मंदिर राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश में सबसे बड़ा महाकाल मंदिर होगा।
बीजेपी हमेशा से ही तृणमूल प्रमुख पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाकर घेरती रही है। अब इस सॉफ्ट हिन्दुत्व के माध्यम से इसका जवाब देने की योजना बनाई गई है। बीजेपी के मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोपों पर ममता बनर्जी ने कहा कि वह सच्ची धर्मनिरपेक्ष हैं और हर धर्म के आयोजनों में हिस्सा लेती हैं। उन्होंने कहा कि हर धर्म की अपनी परंपराएं होती हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा- ‘आप मुझे एक भी ऐसा धर्म नहीं दिखा सकते जिसके किसी भी कार्यक्रम में मैं शामिल न होती हूं। जब मैं गुरुद्वारे के कार्यक्रमों में जाती हूँ तो अपना सिर ढकती हूं, तो फिर रोजा के दौरान ऐसा करने पर सवाल क्यों उठाया जाता है? हर धर्म के अपने नियम होते हैं। लेकिन, ये लोग (भाजपा) सब कुछ नष्ट करना चाहते हैं।’ कुछ लोग मुझ पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हैं, लेकिन मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि मैं तुष्टीकरण नहीं करती, मैं एक सच्ची धर्मनिरपेक्ष इंसान हूं।’










