👉 ऐतिहासिक शहर को तस्करों ने बनाया अपना एपीसेंटर, प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
रानीगंज : आसनसोल-दुर्गापुर शिल्पांचल में एक ओर जहां सीबीआई कई हजार करोड़ रुपये के कोयला तस्करी मामले में जांच कर कई लोगों पर मुकदमा चला रही है। इधर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से कोल सिंडिकेट पर शिकंजा कसा जा रहा है। इन सबके बीच कुछ कोयला तस्कर रानीगंज में पहले की तरह ही अपना धंधा बेरोकटोक चला रहे है।

यह काला खेल रानीगंज इलाके में ज्यादा देखने को मिल रहा है। बताया जाता है कि एक ओर जहां केंद्र व राज्य सरकार कोयला चोरी पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने की दिशा में प्रयास कर रही हैं। वहीं, दूसरी ओर कोयला तस्कर पुलिस की आंखों में धूल झोंककर अवैध कोयला तस्करी धड़ल्ले से कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, कोयला तस्करों ने ईसीएल की ओसीपी को मुख्य निशाना बना लिया है। कुनुस्तोड़िया एरिया अंतर्गत नारायणकुड़ी ओसीपी से रोजाना सैकड़ों टन कोयले की खुलेआम लूट हो रही है। इसके अलावे निमचा, कांटागोड़िया इलाकों से भी कोयला लाकर रानीगंज में स्टॉक किया जा रहा है।

चोरी का कोयला लादकर साइकिल, वैन-रिक्शा, टोटो को दिन-दुपहरिया में बेरोकटोक आते-जाते देखा जा सकता है। वैन में क्षमता से ज्यादा कोयला लाद दिया जाता है, जिसे बाइक के सहारे पीछे से धक्का लगाकर ले जाया जाता है। ट्रैफिक पुलिस के बीच से कोयला लदी गाड़ियां आसानी से निकल जाती है।
हालांकि इस संबंध पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। हालांकि कार्रवाई अब तक कुछ खास देखने को नहीं मिली।कोयला तस्कर क्या वाकई में पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे हैं या फिर यह मात्र दिखावा है।

इस संबंध में कुछ लोगों का कहना है कि जो बताया जा रहा है, उसमें जरा भी सच्चाई नहीं है। कोयला तस्कर जिस प्रकार ताल ठोक कर कोयले का अवैध कार्य कर रहे हैं, वह कुछ और ही बयां कर रहा है।

इधर, दामोदर नदी के विभिन्न किनारों से जमकर बालू तस्करी हो रही है। विशेषकर बल्लभपुर, नूपुर, बेलुनिया, नारायणकुड़ी में दामोदर नदी से अवैध रूप से बालू निकासी हो रही है एवं रात के अंधेरे में एवं अहले सुबह धड़ल्ले से बालू बैलगाड़ी, ट्रैक्टर व ट्रक के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा है।

वैसे बल्लभपुर के दामोदर नदी घाट से केके मिनरल्स को बालू निकालने का ठेका मिला है। लेकिन आरोप है कि यहां चालान में गड़बड़ी की जा रही है। बीच नदी में जेसीबी मशीनें लगाकर रोजाना सैकड़ों की संख्या में बालू ट्रक निकाले जा रहे हैं। बाकायदा बीच नदी में झोपड़ीनूमा दो-दो घर भी बना लिए गए हैं।
बता दें कि केके मिनरल्स के खिलाफ राज्य के सिंचाई मंत्री से शिकायत भी की गई है। दावा है कि बालू के साथ फर्जी चालान की आड़ में अवैध रूप से भी बालू निकलता है। विशेषकर ट्रैक्टरों में अवैध रूप से यहां से बालू निकासी होती है। वहीं 12 चक्का से 18 चक्का तक अधिकतर ट्रकों एवं ट्रेलरों में बालू ओवर लोड करके निकल जाता है।

वहीं कुनुस्तोड़िया एरिया अंतर्गत बेलबाद रेल साइडिंग से ईसीएल के कोयले की बड़े पैमाने पर चोरी हो रही है। आरोप है कि इसमें ईसीएल के कुछ अधिकारी, सुरक्षा कर्मी और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त गिरोह शामिल हैं। कोयले की चोरी न केवल रात के अंधेरे में, बल्कि दिन के उजाले में भी हो रही है। आरोप है कि इस अवैध कारोबार से जुड़े लोग मोटी रकम अधिकारियों और नेताओं तक पहुंचाते हैं।

यही वजह है कि न तो पुलिस, सीआईएसएफ और न ही ईसीएल के उच्च अधिकारी स्तर से कोई ठोस कार्रवाई हो रही है। हालांकि पुलिस, सीआईएसएफ एवं ईसीएल के अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलने पर कार्रवाई हो रही है।











