आसनसोल में धूमधाम से मनाई गई खुदीराम बोस जयंती—शहर ने नमन किया सबसे युवा क्रांतिकारी को

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आसनसोल।
देश के इतिहास में अमर स्थान रखने वाले महान युवा क्रांतिकारी वीर खुदीराम बोस की जयंती बुधवार को आसनसोल नगर निगम की ओर से पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाई गई। शहर भर में स्थित उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया और विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने एकत्र होकर राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ उन्हें याद किया।

मेयर परिषद गुरदास चटर्जी का भावुक संदेश

कार्यक्रम के दौरान मेयर परिषद गुरदास चटर्जी ने कहा—
“18 वर्ष की आयु में हंसते-हंसते फांसी के फंदे को गले लगाने वाले वीर खुदीराम की क्रांतिकारी भावना 13 साल की उम्र में ही जाग उठी थी। आज उनकी जयंती पर हम सब गर्व के साथ उन्हें याद कर रहे हैं। नगर निगम सदैव इन वीर शहीदों के प्रति सम्मान रखता है।”

उन्होंने बताया कि आसनसोल के साउथ थाना के पास स्थित खुदीराम बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जयंती मनाई गई। शहरवासियों ने भी मोमबत्ती जलाकर और फूल चढ़ाकर उन्हें नमन किया।

चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने दिया प्रेरक संदेश

इस अवसर पर आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा—
“पश्चिम बंगाल के सबसे युवा और सबसे साहसी क्रांतिकारी खुदीराम बोस का बलिदान इतिहास का गौरव है। न बंगाल, न भारत—कोई भी देशभक्त उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता। हम उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हैं।”

चेयरमैन ने आगे कहा कि युवा पीढ़ी को खुदीराम बोस जैसे शहीदों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में आगे आना चाहिए।

कार्यक्रम में देशभक्ति का उत्साह

नगर निगम अधिकारियों, पार्षदों, सामाजिक संगठनों, स्कूली बच्चों और स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
शहर भर में जगह-जगह “वंदे मातरम”, “भारत माता की जय”, और “खुदीराम अमर रहें” के जयघोष गूंजते रहे।

कई स्कूलों में इस अवसर पर—

  • देशभक्ति गीत
  • पेंटिंग प्रतियोगिता
  • क्विज सेशन
  • शहीदों पर डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग

जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

आसनसोल में दिखी राष्ट्रभक्ति की अनोखी छटा

खुदीराम बोस की जयंती के बहाने आसनसोल में एक बार फिर देशभक्ति और बंगाल की क्रांतिकारी परंपरा का शानदार संगम देखने को मिला।
शहरवासियों ने कहा—
“खुदीराम बोस सिर्फ एक नाम नहीं, वह आज भी हमारी प्रेरणा हैं।”

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