सीतारामपुर में मंत्री का औचक निरीक्षण! बंद पड़े भवन में खुलेगा ESI डिस्पेंसरी

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आसनसोल के कुल्टी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सीतारामपुर में वर्षों से बंद पड़े उप-बॉयलर कार्यालय में आखिरकार नई उम्मीद की किरण जगी है। रविवार दोपहर राज्य के कानून एवं न्याय मंत्री मलय घटक ने अचानक इस जर्जर पड़े कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जिससे इलाके में हलचल तेज हो गई। लंबे समय से उपेक्षित पड़ा यह सरकारी भवन स्थानीय लोगों के लिए चिंता और नाराज़गी का कारण बना हुआ था।

🔥 कई सालों से बंद, अब होगी बड़ी कार्रवाई

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्यालय वर्षों से

  • बंद पड़ा था
  • टूट-फूट की हालत में था
  • और असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा था

मंत्री के पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और इलाके में उत्सुकता का माहौल बन गया।

निरीक्षण के दौरान मंत्री मलय घटक ने क्लियर किया कि सरकार ने इस पुराने उप-बॉयलर कार्यालय में ESI अस्पताल की डिस्पेंसरी खोलने का निर्णय लिया है। इससे क्षेत्र के हजारों श्रमिक और आम नागरिक नियमित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

🔥 मंत्री के साथ मौजूद रहे कई जन प्रतिनिधि

निरीक्षण के दौरान उनके साथ मौजूद थे—

  • आसनसोल नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य गुरुदास चट्टोपाध्याय
  • मेयर परिषद सदस्य इंद्राणी मिश्रा
  • बरो चेयरमैन रबीलाल टुडू
  • पार्षद सुषांत मंडल
  • कुल्टी ब्लॉक टीएमसी 2 के अध्यक्ष कंचन राय
  • तथा कई अन्य पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता

इन सभी ने मंत्री के साथ मिलकर परिसर की स्थिति का जायजा लिया और संभावित कार्ययोजना पर चर्चा की।

🔥 स्थानीय जनता में खुशी — “अब क्षेत्र का विकास तेजी से होगा”

स्थानीय निवासियों ने मंत्री के इस कदम का जोरदार स्वागत किया। लोगों का कहना है कि

  • सीतारामपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है
  • पास में कोई बड़ा सरकारी उपचार केंद्र नहीं है
  • नई डिस्पेंसरी खुलने से मजदूरों, बुज़ुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक लाभ मिलेगा

एक स्थानीय निवासी ने कहा, “सालों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है, यह निर्णय क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा।

🔥 जल्द हो सकता है निर्माण कार्य शुरू

मंत्री के निरीक्षण के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि भवन की मरम्मत, सफाई और पुनर्निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। सरकार चाहती है कि डिस्पेंसरी को जल्द से जल्द चालू कर दिया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।

सीतारामपुर में बंद पड़े इस सरकारी परिसर का पुनर्जीवन सार्वजनिक हित में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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