दिल्ली ब्लास्ट : दहशत के ह्वाईट कॉलर डॉक्टर और मौलवी मॉड्यूल का खुलासा

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👉 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कल होगी हाईलेबल मीटिंग

नई दिल्ली : दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के सामने सोमवार की शाम करीब 6 बजकर मिनट पर कार में हुए बम ब्लास्ट मामले में मंगलवार को ह्वाईट कॉलर दहशत के डॉक्टर और मौलवी मॉड्यूल का बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्‍ली पुलिस के अनुसार इस धमाके के तार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं। वहीं इस ब्लास्ट में अब तक 12 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 20 से ज्यादा घायल हुए हैं। दिल्‍ली धमाके में वहीं आतंकी संगठन जैश शामिल है, जिसने साल 2019 में पुलवामा अटैक को अंजाम दिया था और इस हमले में भारतीय सेना के 40 जवान शहिद हो गये थे।

कैसे एक के बाद एक डॉक्टर आते गए गिरफ्त में, मिले भारी मात्रा विस्फोटक-हथियार

धमाके से पहले के घटनाक्रम में सबसे पहले अनंतनाग में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. आदिल अहमद राठर को गिरफ्तार किया। वह अनंतनाग मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर था और उसके लॉकर से पुलिस को AK-47 राइफल मिली था। राठर का संबंध जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से पाया गया। दूसरी गिरफ्तारी 7 नवंबर को हरियाणा के फरीदाबाद से हुई। यहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी में ही कार्यरत लखनऊ की एक महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद की कार से ‘कैरोम कॉक’ नाम की असॉल्ट राइफल मिली। डॉक्टर शाहीन मूल रूप से उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ के खंदारी बाजार स्थित मकान नंबर 121 में अपने परिवार के साथ अपने पुश्तैनी घर में रहतीं है। 7 नवंबर को ही गुजरात एटीएस ने अहमद मोहियुद्दीन सैयद नाम के डॉक्टर को पकड़ा। यह डॉक्टर हैदराबाद का रहने वाला है और चीन से पढ़ाई कर चुका है। जांच में पता चला कि वह ‘रिसिन’ नाम के बेहद जहरीले ज़हर की तैयारी कर रहा था, जो अरंडी के बीजों से बनता है। उसने दिल्ली के आज़ादपुर मंडी, अहमदाबाद के नरोडा फ्रूट मार्केट और लखनऊ के आरएसएस कार्यालय जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों की कई महीनों तक रेकी की थी।
इसी ऑपरेशन में 10 नवंबर को चौथी अहम गिरफ्तारी भी फरीदाबाद से ही हुई। यहां डॉ. मुझमिल शकील नाम का कश्मीर का डॉक्टर पकड़ा गया। वह भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था। उसके पास से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला, जो बम बनाने में इस्तेमाल होता है। फिर मुझमिल के ही दूसरे ठिकाने से 2563 किलो विस्फोटक बरामद किया गया। फरीदाबाद पुलिस ने बताया कि शकील कासंबंध जैश जैसे प्रतिबंधित संगठनों से है और वह भी पहले श्रीनगर में आतंकी पोस्टर लगाने में शामिल रहा था। उसकी पहचान अनंतनाग में पकड़े गए अदील अहमद राठर से मिली जानकारी के बाद हुई। इधर, जांच एजेंसियों के अनुसार, लाल किले के पास जिस कार में विस्फोट हुआ वह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर मोहम्मद के नाम पर दर्ज है, जो कार धमाके के समय कार में मौजूद था।
फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़े मामले में लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर परवेज अंसारी का नाम सामने आया। जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी एटीएस ने उनके मकान पर छापेमारी की। जांच में परवेज अंसारी की कार पर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का स्टिकर पाया गया। वह डॉ. शाहीन का भाई है। उसे भी हिरासत में लिया गया है।

जहरीले केमिकल और हथियार तैयार कर रहे थे सभी डॉक्टर

पकड़े गए सारे डॉक्टर न केवल आतंकी संगठनों के संपर्क में थे, बल्कि खुद हथियार और जहरीले केमिकल तैयार कर रहे थे। इन गिरफ्तारियों से एक चीज साफ हो रही है कि आतंक अब देश के प्रतिष्ठित शिक्षित वर्ग में भी अपनी जड़े जमा रहा है यानी शिक्षा का उपयोग सफेद कोट में काले कारनामों के लिए किया जा रहा है।

मौलवी इरफान पहले GMC श्रीनगर में था पैरामेडिकल स्टाफर

दिल्ली ब्लास्ट की जांच में पाया गया कि मौलवी इरफान पहले GMC श्रीनगर में पैरामेडिकल स्टाफर और इमाम रह चुका है। उसी ने मेडिकल छात्रों को चरमपंथ की ओर उकसाने में अहम भूमिका निभाई। जांच में यह भी सामने आया कि इस मॉड्यूल के तीनों मुख्य संदिग्धों का जैश से जुड़े वैचारिक संबंध हैं। पुलिस और एजेंसियां उसके नेटवर्क और कनेक्शन की पूरी जांच कर रही हैं। एटीएस ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से उसे मंगलवार की शाम को गिरफ्तार कर लिया है।

अल फलाह यूनिवर्सिटी में 52 लोगों से पूछताछ

फरीदाबाद पुलिस ने अल फलाह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर मुजम्मिल के साथ काम करने वाले फैकल्टी मेंबर, छात्रों और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से पूछताछ की। 52 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई है। 6 लोगों को हिरासत में लेकर फरीदाबाद पुलिस टेरर मॉड्यूल को लेकर पूछताछ कर रही है।

प्रधानमंत्री मोदी कल शाम 5.30 बजे करेंगे मीटिंग

दिल्ली में हुए धमाके के बाद कल शाम 5:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक से पहले केंद्रीय कैबिनेट सचिवालय (CCS) की बैठक में भी इस घटना पर चर्चा की गई। पीएम मोदी ने कहा कि इस धमाके की तह तक जाकर दोषियों को सजा दी जाएगी और किसी को माफ नहीं किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले की पूरी जांच करने और सभी गुनाहगारों को पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

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