आसनसोल:
भाषा शहीद स्मारक समिति, आसनसोल की ओर से “वंदे मातरम्” दिवस के 150 वर्ष एवं बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय बंग संस्कृति रजत जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देशभक्ति, संस्कृति और साहित्य के संगम का प्रतीक बन गया।
मंच पर उपस्थित साहित्यकारों, शिक्षकों और समाजसेवियों ने ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को नमन किया और उनके अमर योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि बंकिमचंद्र का साहित्य सिर्फ बंगाल नहीं, पूरे भारत की आत्मा में रचा-बसा है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुई। इस दौरान समाजसेवी सचिन राय और आसनसोल नॉर्थ प्वाइंट स्कूल की मीता राय ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कवि सम्मेलन, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह के माहौल को और भी देशभक्ति के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य व्यक्ति, शिक्षक, विद्यार्थी और सांस्कृतिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समिति के अध्यक्ष ने कहा —
“हमारा उद्देश्य नई पीढ़ी को बंग संस्कृति और बंकिमचंद्र के राष्ट्रप्रेम से जोड़ना है। ‘वंदे मातरम्’ सिर्फ गीत नहीं, यह हमारी आत्मा की आवाज है।”
कार्यक्रम के अंत में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।











