आसनसोल में काशी जैसी गंगा आरती! पद्दो तालाब घाट पर उमड़े हजारों श्रद्धालु

single balaji

आसनसोल शिल्पांचल में महावीर स्थान मंदिर, जी.टी. रोड, आसनसोल द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पद्दो तालाब छठ घाट पर श्री श्री छठपूजा समिति के सहयोग से भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया।
यह दिव्य आरती महावीर स्थान मंदिर के पुरोहितों द्वारा संध्या सूर्यास्त और प्रातः सूर्योदय से पहले संपन्न की जाती है, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का माहौल बन गया।

✨ काशी जैसी भव्यता, आसनसोल में गूंजे “हर हर गंगे” के जयघोष

आरती का दृश्य देखते ही बनता था — दीपों की लौ, धूप की सुगंध, और हजारों श्रद्धालुओं की “हर हर गंगे” की गूंज से पूरा शिल्पांचल भक्ति रस में डूब गया।
मंदिर के पुरोहितों ने आसनसोल, रानीगंज, और जे.के. नगर सहित पूरे शिल्पांचल में एक साथ गंगा आरती का आयोजन किया, जो वाराणसी के दशाश्वमेध घाट जैसी भव्यता का अनुभव करा रहा था।

श्रद्धालु इस आरती में सम्मिलित होकर आध्यात्मिक आनंद और आस्था की गहराई में डूब गए। दीपों की लहराती रोशनी और शंखध्वनि से वातावरण पूर्णतः पवित्र और मंत्रमुग्ध हो गया।

🙏 आयोजन में जुटे दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता और समिति सदस्य

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में कई प्रमुख सामाजिक संगठनों और सदस्यों का योगदान रहा।
मुख्य रूप से उपस्थित रहे —
श्री श्री छठपूजा समिति के सभापति रतनलाल मिश्रा, सचिव अजय सोनकर, कोषाध्यक्ष विभु साव,
साथ ही आसनसोल महावीर स्थान सार्वजनीन दुर्गापूजा महावीर अखाड़ा के सभापति सोमनाथ गोराई, सचिव अरविंद साव, कोषाध्यक्ष विवेक प्रसाद वर्णवाल,
तथा पारस सोनकर, अरुण अग्रवाल, राजीव सिंह, भुनेश भगत, सुरेन्द्र वर्णवाल, प्रदीप वर्णवाल, दीपक भगत, विवेक वर्णवाल, लाली गुप्ता, टिंकू साव, विश्वजीत साहा, अतुल दास, अंकित खेतान, आशीष भगत, पंकज बारुई, अमन मखारिया इत्यादि कई सदस्य उपस्थित रहे।

🌸 श्रद्धालुओं की श्रद्धा और अनुशासन ने बना दिया आयोजन को यादगार

प्रशासन और आयोजन समिति की सूझबूझ तथा श्रद्धालुओं के अनुशासन से यह आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।
पद्दो तालाब घाट पर सजावट, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम ने लोगों को प्रभावित किया।

एक श्रद्धालु ने कहा —

“ऐसा लगा जैसे हम काशी के गंगा घाट पर हों। आसनसोल की यह गंगा आरती अब पूरे बंगाल की पहचान बन रही है।”

ghanty

Leave a comment