कल देश भर में SIR की तारीखों का ऐलान करेगा निर्वाचन आयोग, पहले चरण में बंगाल सहित 10 राज्य होंगे शामिल

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नई दिल्ली/कोलकाता (प्रेम शंकर चौबे) : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) सोमवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूरे देश में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की तारीखों की घोषणा करेगा. यह घोषणा शाम 4:15 बजे होगी, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी के नेतृत्व में पूरी जानकारी साझा की जाएगी.

रिपोर्ट के अनुसार, पहले चरण में 10 से 15 राज्यों को शामिल किया जाएगा, जिनमें 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले राज्य भी शामिल हैं. एसआईआर मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृतकों के नाम हटाना, डुप्लिकेट प्रविष्टियां निकालना और स्थानांतरण जैसे कार्य शामिल होते हैं.

आयोग की यह पहल विशेष रूप से उन राज्यों पर केंद्रित है जहां जल्द ही चुनाव होने हैं, जैसे तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी. इन राज्यों में 2026 में विधानसभा चुनाव निर्धारित हैं और मतदाता सूची की शुद्धता चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगी.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले चरण की विस्तृत समय-सारणी जारी की जाएगी. सूत्रों के अनुसार, यह चरण उन राज्यों से शुरू होगा जहां चुनावी तैयारी सबसे अधिक जरूरी है. तमिलनाडु में डीएमके और एआईएडीएमके के बीच कड़ा मुकाबला है, जबकि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सत्ता बनाम भाजपा की चुनौती प्रमुख मुद्दा रहेगा. केरल में एलडीएफ और यूडीएफ की टक्कर, असम में भाजपा की मजबूत पकड़ और पुडुचेरी में कांग्रेस-डीएमके गठबंधन की भूमिका पर नजर रहेगी.

इन राज्यों में मतदाता सूची में किसी भी तरह की त्रुटि चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए एसआईआर की समयबद्धता महत्वपूर्ण है. आयोग ने हाल के वर्षों में डिजिटल तकनीक का सहारा लेकर मतदाता सूची को और मजबूत किया है. वोटर हेल्पलाइन ऐप, ऑनलाइन पंजीकरण और बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) की भूमिका को बढ़ावा दिया गया है.

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एसआईआर के दौरान घर-घर सर्वेक्षण, दावे-आपत्तियां निपटाना और फोटो आईडी कार्ड अपडेट जैसे कार्य किए जाएंगे. पहले चरण के बाद अन्य राज्यों को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा, ताकि पूरे देश में एकसमान प्रक्रिया लागू हो. यह घोषणा ऐसे समय में आ रही है जब राजनीतिक दल मतदाता पंजीकरण पर सतर्क हैं.

बंगाल में बीएलओ की सुरक्षा, स्वतंत्रता को लेकर आयोग गंभीर

चुनाव आयोग बंगाल में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की स्वायत्तता सुनिश्चित करने की योजना पर काम कर रहा है। बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि आयोग इस आशंका से अवगत है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम शुरू होने पर बीएलओ पर अनुचित दबाव पड़ सकता है इसलिए उनकी स्वायत्तता की रक्षा के लिए योजना तैयार की जा रही है।

एसआईआर होने तक बीएलओ को अन्य कोई जिम्मा नहीं

इसके अंतर्गत आयोग का पहला कदम बीएलओ, जो कि राज्य सरकार के कर्मचारी हैं, पर अपना पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करना होगा ताकि एसआईआर के दौरान राज्य प्रशासन की ओर से उनका तबादला न किया जा सके। आयोग ने यह भी निर्णय लिया है कि जब तक एसआईआर की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तब तक बीएलओ को किसी अन्य प्रशासनिक कार्य में नहीं लगाया जा सकेगा।

डराने-धमकाने वालों पर की जाएगी तुरंत कार्रवाई

सीईओ कार्यालय को बीएलओ को यह आश्वस्त करने का निर्देश दिया गया है कि उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हें डराने-धमकाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

1,200 से अधिक मतदाताओं पर सहायक बीएलओ

आयोग ने यह भी निर्णय लिया है कि जिन बूथों पर 1,200 से अधिक मतदाता हैं, वहां सहायक बीएलओ की नियुक्ति की जाएगी। एसआईआर शुरू होने पर दैनिक चुनावी प्रशासन प्रणाली लागू करेगा सीईओ कार्यालय बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) का कार्यालय राज्य में एसआईआर की अधिसूचना जारी होने के तुरंत बाद द्वि-स्तरीय दैनिक चुनावी प्रशासन प्रणाली लागू करेगा।

बंगाल में हर दिन होगी एसआईआर की समीक्षा

इसके तहत अतिरिक्त सीईओ रैंक का एक अधिकारी जिलाधिकारियों, जो जिला चुनाव अधिकारी भी हैं, के साथ दैनिक बातचीत करेगा और संबंधित जिलों में एसआईआर की दैनिक प्रगति की समीक्षा करेगा। संयुक्त सीईओ रैंक के कुछ अधिकारी चुनाव पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ बातचीत करेंगे और ईआरओ के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों में एसआईआर की प्रगति की समीक्षा करेंगे। सीईओ कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि इस द्वि-स्तरीय चुनावी प्रशासन का उद्देश्य सीईओ कार्यालय और जिला-स्तरीय चुनावी प्रशासन प्रणाली के बीच संवादहीनता को दूर करना है। पूरी प्रणाली सीईओ की प्रत्यक्ष निगरानी में चलेगी।

बंगाल सीईओ का निर्देश- कल से बीएलओ का प्रशिक्षण शुरू

बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल के निर्देश पर कल, सोमवार से विभिन्न जिला प्रशासनों ने बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) का प्रशिक्षण शुरू करने का निर्णय लिया है। यह प्रशिक्षण दो दिनों तक चलेगा।

बीएलओ के प्रशिक्षण के साथ-साथ, आयोग के निर्देश पर मतदाताओं की सहायता के लिए स्वयंसेवकों की भर्ती भी की जा रही है। इस पद पर शिक्षकों या सरकारी कार्यालयों में स्थायी रूप से कार्यरत कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।

वे बीएलओ को उनके काम में मदद करेंगे। ये स्वयंसेवक मूल रूप से बीएलओ द्वारा वितरित किए जाने वाले गणना फॉर्म भरने में मतदाताओं की मदद करेंगे। इस बीच, प्रत्येक ब्लॉक के बीडीओ ने इन स्वयंसेवकों की सूची तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।

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