जामुड़िया में आदिवासियों का गुस्सा: मुआवजा न मिलने पर रेशमी कारखाने पर ताला

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जामुड़िया। स्थानीय उद्योग क्षेत्र में स्थित रेशमी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्री के कारखाने के खिलाफ आदिवासी समुदाय ने सोमवार को विरोध जताया। मामला 2024 में जमीन अधिग्रहण का है, लेकिन अब तक मुआवजा न मिलने के कारण समुदाय के लोगों ने कारखाने के गेट पर ताला जड़ दिया।

जानकारी के अनुसार, जामुड़िया के हुड़माडांगा गांव निवासी तुलसी मेझन की जमीन रेशमी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्री ने अधिग्रहित की थी। लंबे समय से कारखाना प्रबंधन से संपर्क करने के बावजूद मुआवजे का कोई समाधान नहीं निकला, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया।

सूचना मिलते ही जामुड़िया थाना और केंद्रा फांड़ी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यह समस्या सिर्फ तुलसी मेझन तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के अन्य आदिवासी किसानों की जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा न मिलने के मुद्दे भी उठ रहे हैं। उनका कहना है कि अगर तुरंत मुआवजा नहीं दिया गया, तो आगे बड़े आंदोलन की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर मुआवजा न मिलने से स्थानीय उद्योग और सामाजिक शांति दोनों पर असर पड़ता है।

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