आसनसोल। रविवार सुबह भोर होते ही दामोदर व अजय नदी के घाटों पर पारंपरिक आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पितरों को श्रद्धांजलि देने के लिए हज़ारों श्रद्धालु अपने परिवारों के साथ घाटों पर पहुंचे और मंत्रोच्चार व वैदिक विधि के साथ जल अर्पित कर तर्पण किया।
आस्था और परंपरा का संगम
हज़ारों वर्षों पुरानी इस परंपरा को निभाते हुए श्रद्धालुओं ने सफेद वस्त्र धारण कर नदी किनारे पूजा-पाठ किया। कई परिवार अपने साथ पुजारियों को भी लेकर आए जिन्होंने मंत्रोच्चार से तर्पण संपन्न कराया। महिलाएँ भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन अलर्ट
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आसनसोल नगर प्रशासन और पुलिस ने घाटों पर विशेष सुरक्षा और अनुशासन की व्यवस्था की। जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात किए गए, माइकिंग के जरिए भीड़ को सावधान रहने और धक्का-मुक्की न करने की लगातार अपील की जाती रही।
अस्थायी बैरिकेडिंग और मेडिकल कैंप
नदी किनारे अस्थायी बैरिकेडिंग की गई ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से तर्पण कर सकें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम, एंबुलेंस और बचाव दल भी मौजूद रहे। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखी गई।
धार्मिक माहौल में अनुशासन और सुरक्षा का उदाहरण
इन व्यवस्थाओं के कारण तर्पण का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस के प्रयासों की सराहना की। घाटों पर भजन-कीर्तन और पूजा-पाठ की गूंज ने धार्मिक माहौल को और अधिक भावपूर्ण बना दिया।











