दुर्गापुर:
कभी हरिणों और पक्षियों से गुलज़ार रहने वाला डियर पार्क अब नया रूप लेने जा रहा है। आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (ADDA) ने शनिवार को पुराने डियर पार्क की जगह एक आधुनिक “शिशु पार्क” का शिलान्यास किया। दुर्गापुरवासियों के लिए यह एक बड़ा तोहफ़ा माना जा रहा है।
1980 के दशक में बने डियर पार्क में हरिण, हंस और रंग-बिरंगे पक्षी बच्चों और पर्यटकों को आकर्षित करते थे। समय के साथ देखभाल की कमी के कारण पार्क बंद हो गया। अब ADDA ने उसी जगह एक बच्चों के अनुकूल पार्क बनाने की पहल की है।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण उन्नयन मंत्री प्रदीप मजूमदार ने नारियल फोड़कर और शिलापट्टिका का अनावरण कर पार्क का औपचारिक शिलान्यास किया। इस मौके पर ADDA के चेयरमैन कवि दत्तो, दुर्गापुर नगर निगम प्रशासनिक बोर्ड की चेयरपर्सन अनिंदिता मुखर्जी, एसबीएसटीसी के अध्यक्ष सुभाष मंडल, एसीपी सुबीर राय, कांक्षा एसीपी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

मंत्री प्रदीप मजूमदार ने कहा,
“डियर पार्क को फिर से चालू करने की मांग कई बार आई थी। अब उसकी जगह हम एक नया शिशु पार्क बना रहे हैं, जहां बच्चे अपने माता-पिता के साथ अच्छा समय बिता सकेंगे। बुजुर्गों के लिए भी बैठने और टहलने की सुविधा रहेगी।”
ADDA के चेयरमैन कवि दत्तो ने कहा कि दुर्गापुर को विकसित करने की दिशा में यह एक और कदम है। “बच्चों के खेलने के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं पार्क में उपलब्ध रहेंगी।”
इस परियोजना में निजी क्षेत्र की कंपनी के निदेशक सुदीप चटर्जी और प्रभात चटर्जी ने CSR के तहत आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “हम समाज के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
स्थानीय निवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि दुर्गापुर में बच्चों और परिवारों के लिए मनोरंजन की सुविधाएं बढ़ेंगी। कई पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि पार्क में ग्रीन ज़ोन और ओपन-एयर क्लासरूम जैसी सुविधाएं जोड़ दी जाएं तो बच्चों को सीखने का नया अनुभव मिलेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। स्थानीय बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर माहौल को और भी जीवंत कर दिया।











