लाउदोहा (दुर्गापुर), मंगलवार:
ईसीएल के कोलियरी प्रोजेक्ट में मंगलवार सुबह से ज़मींदाताओं का ग़ुस्सा फूट पड़ा। मुख्य गेट को पूरी तरह बंद कर दिया गया। कोयला ढुलाई, कन्वेयर बेल्ट और ट्रांसपोर्ट पूरी तरह ठप हो गया।
2018 में ली गई थी ज़मीन, अब तक नहीं मिली नौकरी
ज़मींदाता पवन बनर्जी और राणा गोस्वामी ने बताया कि कुल 22 ज़मींदाताओं की ज़मीन 2018 में ईसीएल के सीबी एक्ट के तहत अधिग्रहित की गई थी। कई सालों से ज़मीन के बदले नौकरी की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक वादे पूरे नहीं हुए।
केवल आश्वासन, कोई ठोस कार्रवाई नहीं
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कोलियरी अधिकारियों ने बार-बार आश्वासन दिया, लेकिन हकीकत में कोई कदम नहीं उठाया गया। “हमारे धैर्य की सीमा टूट चुकी है,” आंदोलनकारियों ने कहा।
स्थानीय नेताओं का समर्थन
दुर्गापुर फ़रीदपुर ब्लॉक अध्यक्ष शतद्वीप घटक, आईएनटीटीयूसी और केकेएससीआर के क्षेत्र सचिव बिंदु देव जस समेत कई श्रमिक नेता भी ज़मींदाताओं के समर्थन में उतर आए। उन्होंने कहा, “जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।”
ज़मींदाताओं की चेतावनी: आंदोलन और तेज़ होगा
ज़मींदाताओं ने स्पष्ट कहा है कि अगर जल्द नौकरी नहीं दी गई, तो वे बड़े आंदोलन की राह पकड़ेंगे और ज़रूरत पड़ी तो आमरण अनशन पर भी बैठेंगे। इससे कोलियरी प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
प्रदर्शन के कारण कोयला परिवहन ठप हो गया, जिससे आसपास के उद्योगों और ईसीएल को भी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। आम लोगों को भी कामकाज में कठिनाइयाँ आ रही हैं।











