आसनसोल, पश्चिम बंगाल —
पेयजल संकट और अवैध बालू उठाव जैसे गंभीर मुद्दों पर सीपीआईएम ने शुक्रवार को आसनसोल में जोरदार प्रदर्शन कर जिलाशासक कार्यालय में डिपुटेशन सौंपा। सुबह से ही लाल झंडों के साथ कार्यकर्ता और समर्थक रैली निकालते हुए शहर की सड़कों पर उतरे, नारेबाजी करते हुए जिलाशासक कार्यालय पहुंचे।
इस डिपुटेशन में सीपीएम राज्य कमेटी के नेता पार्थ मुखर्जी, गौरांग चट्टोपाध्याय, जहांआरा खान, तापस कवि सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। जिलाशासक कार्यालय के बाहर लंबी सड़क सभा हुई, जिसमें वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन को पानी संकट और अवैध बालू खनन पर घेरते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
सीपीएम नेता पार्थ मुखर्जी ने कहा—
“पीएच की पाइपलाइन टूटने के बाद जामुरिया और रानीगंज के बड़े हिस्से में पानी का संकट गहरा गया है। लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा, टंकियां सूखी हैं और प्रशासन चुप है। इलाके के लोग अब उग्र हो रहे हैं।”
गौरांग चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया कि अवैध बालू खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि इसमें सत्ताधारी दल के लोगों की सीधी संलिप्तता है। वहीं, तापस कवि ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
डिपुटेशन में प्रमुख मांगें—
- जामुरिया और रानीगंज के प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत पानी की आपूर्ति बहाल की जाए।
- टूटे पाइपलाइन की मरम्मत जल्द से जल्द हो।
- अवैध बालू खनन पर रोक लगाकर दोषियों पर कार्रवाई हो।
- पानी के स्थायी समाधान के लिए नई परियोजनाओं की घोषणा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने कई बार आश्वासन दिया, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस है। अब लोगों का सब्र जवाब देने लगा है और सीपीआईएम का यह आंदोलन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ











