बंगाल में वोटर लिस्ट घोटाला! चुनाव आयोग का एक्शन, 4 अफसर सस्पेंड

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़ने के मामले में चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाया। मंगलवार को आयोग ने चार सरकारी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया और एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। आरोप है कि इन अधिकारियों ने मतदाता सूची के डाटाबेस का लॉगिन पासवर्ड अनधिकृत लोगों के साथ साझा किया, जिसके जरिए दो विधानसभा क्षेत्रों में गलत तरीके से नाम जोड़े गए

कहां हुआ यह बड़ा घोटाला?

घोटाले का खुलासा दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर पूर्व और पूर्व मेदिनीपुर जिले के मयना विधानसभा क्षेत्रों में हुआ है।
चुनाव आयोग के अनुसार, जुलाई 29 को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि ERO और AERO ने कर्तव्य की अवहेलना की और लॉगिन जानकारी साझा कर डाटा सुरक्षा नीति का उल्लंघन किया

कौन-कौन हुए सस्पेंड?

देबोत्तम दत्ता चौधरी (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर)
तथागत मंडल (असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर)
बिप्लब सरकार (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर)
सुदीप्त दास (असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर)

साथ ही, डाटा एंट्री ऑपरेटर सुरजीत हालदार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होगी

चुनाव आयोग का सख्त रुख

केंद्रीय चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा,

“इन अधिकारियों ने न केवल आवेदन निपटाने के दौरान कर्तव्य निभाने में विफलता दिखाई बल्कि डाटा सुरक्षा नीति का भी उल्लंघन किया।”

राजनीतिक बवाल: बीजेपी ने साधा निशाना

इस घटना के सामने आने के बाद बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने तृणमूल कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा,

तृणमूल राजनीतिक फायदे के लिए मतदाता सूची में हेरफेर कर रही है। यह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है।

तृणमूल की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह मामला आने वाले चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकता है

बड़ी बातें:

✔ 4 अधिकारी सस्पेंड
✔ डाटा एंट्री ऑपरेटर पर भी केस
✔ बारुईपुर और मयना में वोटर लिस्ट में फर्जी नाम जोड़ने का आरोप
✔ बीजेपी ने TMC पर लगाया गंभीर आरोप

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