गोरु कांड में फिर बवाल! दुर्गापुर से दो और आरोपी दबोचे गए

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📍 दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल

दुर्गापुर में गाय से लदी गाड़ी को रोककर बीजेपी नेताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन ने अब तूल पकड़ लिया है। मामला गहराता जा रहा है और कोकओवन थाना पुलिस की जांच में तेजी आई है। शनिवार की रात किरण मान (निवासी महानंदा पल्ली) और बसुदेव बंध्योपाध्याय (निवासी न्यू टाउनशिप थाना क्षेत्र) को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को पुलिस हिरासत की मांग के साथ दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया गया।

🚨 अब तक चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अभी भी फरार

इससे पहले शुक्रवार की रात को भी दो युवकों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि मामले के मुख्य आरोपियों की तलाश तेज़ कर दी गई है। लगातार छापेमारी की जा रही है।

🔍 घटना की पृष्ठभूमि: क्या हुआ था उस दिन?

गुरुवार को बीजेपी नेताओं ने दुर्गापुर में गाय से भरी एक गाड़ी को रोककर प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि अवैध तरीके से गोवंश की तस्करी की जा रही थी। इस दौरान चार युवकों को पकड़कर न केवल पीटा गया, बल्कि कान पकड़कर उठक-बैठक भी करवाई गई।

यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

📝 तृणमूल की शिकायत से मामला और गर्माया

तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने कोकओवन थाने में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू की। जांच में सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों के बयानों के आधार पर गिरफ्तारियां की गईं।

👮 पुलिस का बयान: कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

कोकओवन थाना प्रभारी ने मीडिया को बताया कि,

“हम इस केस को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। कानून हाथ में लेने की इजाज़त किसी को नहीं है, चाहे वो किसी भी पार्टी से क्यों न हो। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।”

🗣️ सियासी बयानबाज़ी तेज

भाजपा नेताओं का कहना है,

“हमने सिर्फ गोवंश की तस्करी के खिलाफ आवाज़ उठाई थी। लेकिन तृणमूल इस मुद्दे को घुमा रही है।”

वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है,

“बीजेपी के कार्यकर्ता गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। इंसान को पीटना और सार्वजनिक रूप से अपमानित करना अपराध है।”

🧭 निष्कर्ष: गोरु से सियासत तक—दुर्गापुर की गर्म होती राजनीति

इस घटना ने गोरक्षा बनाम मानवाधिकार के सवाल को एक बार फिर खड़ा कर दिया है। चुनावी माहौल में इस तरह की घटनाएं दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच राजनीतिक टकराव को और भी तीव्र कर रही हैं। देखना होगा कि आगे पुलिस की कार्रवाई किस दिशा में जाती है और क्या मुख्य आरोपी जल्द गिरफ्त में आते हैं।

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