बाराबनी, पश्चिम बर्दवान
बाराबनी के दूमोहानी बाजार स्थित हिंदी स्कूल पाड़ा में मंगलवार को एक लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद का नाटकीय और कानूनी पटाक्षेप हुआ। दो सगे भाइयों—राजू पंडित और हराधन पंडित—के बीच वर्षों से ज़मीन और मकान को लेकर चला आ रहा विवाद आखिरकार कोर्ट के आदेश पर सुलझा, जब पुलिस की मौजूदगी में घर को खाली करवाया गया।
🏛 मामले की पृष्ठभूमि:
राजू और हराधन पंडित के बीच संपत्ति विवाद का मामला कई वर्षों से आसनसोल कोर्ट में लंबित था। कोर्ट ने कुछ महीने पहले हराधन पंडित के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राजू पंडित को 90 दिनों के भीतर मकान खाली करने का आदेश दिया था। लेकिन समय सीमा खत्म हो जाने के बावजूद राजू पंडित ने घर नहीं छोड़ा।
🔨 कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई:
मंगलवार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश के तहत दो प्रतिनिधियों की एक टीम बाराबनी थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और घर को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की।
हालांकि, इस दौरान राजू पंडित का बेटा और अन्य परिवारजन कार्रवाई का विरोध करते रहे। कुछ समय तक तीखी बहस और समझाने-बुझाने के बाद अंततः परिवार ने मकान खाली कर दिया।
🔐 घर की चाबी बदली गई, नया ताला लगा:
कानूनी प्रक्रिया के तहत घर की कुंडी और ताले बदले गए, और मकान हराधन पंडित को सौंप दिया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
📢 स्थानीयों की प्रतिक्रिया:
स्थानीय निवासियों ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘सबक’ करार दिया। एक पड़ोसी ने कहा, “परिवारों में ज़मीन को लेकर अक्सर विवाद होते हैं, लेकिन कोर्ट का आदेश ही अंतिम होता है। यहाँ दोनों पक्षों ने काफी कुछ झेला है।”










