📍 कुल्टी (बराकर), पश्चिम बर्धमान —संजीब कुमार यादव
बराकर शहर के बलतोड़िया स्थित गणेश मैदान से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ गुरुवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। आस्था से ओतप्रोत इस यात्रा में 151 महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर भाग लिया और पदयात्रा के रूप में मद्रासी पाड़ा होते हुए बराकर नदी तट तक पहुँचीं, जहाँ वैदिक विधि-विधान के साथ पूजन सम्पन्न हुआ।
✨ व्यासपीठ पर श्रीमद्भागवत की स्थापना
श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन मुख्य यजमान अभिनाष कुमार ताती और उनकी धर्मपत्नी पूजा देवी ने पवित्र ग्रंथ को श्रद्धा के साथ सिर पर धारण कर व्यासपीठ पर स्थापित किया। इस दौरान मथुरा-वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक युगल किशोर जी महाराज ने श्रीमद्भागवत की आरती कर धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ किया।
📜 कथावाचक युगल किशोर जी ने क्या कहा?
कथा प्रवचन के दौरान युगल किशोर जी ने कहा—
“श्रीमद्भागवत केवल ग्रंथ नहीं, यह जीवन का मार्गदर्शन है। इसमें छिपा है आत्मा का कल्याण और मन की शांति। जितनी बार सुनेंगे, उतनी बार नया अनुभव मिलेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि—
“सनातन धर्म में श्रीमद्भागवत गीता का विशेष स्थान है। यह जीवन जीने की कला सिखाता है और व्यक्ति को आंतरिक आनंद प्रदान करता है।”
👥 आयोजन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
आयोजन स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के नीरज चौहान, कुंदन धाढ़ी, अजित ताती, बबलू राम, अमर कुमार ताती, मुकुल मंडल, श्रीराम सिंह, जयप्रकाश रवानी, राकेश गुप्ता, विकास राम समेत सैकड़ों महिलाओं और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
🌸 आयोजन की खास बातें:
- कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होगी
- विशेष भजन संध्या, आरती, और प्रसाद वितरण होगा
- अंतिम दिन हरिनाम संकीर्तन के साथ भंडारे का आयोजन भी प्रस्तावित है










