बराकर में पीने का पानी बना ज़हर, पीलिया और डायरिया का खतरा

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बराकर, पश्चिम बर्धमान: बराकर शहर के स्टेशन रोड समेत कई इलाकों में वाटर प्रोजेक्ट से सप्लाई हो रहे पीने के पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बैगुनिया चेकपोस्ट के पास स्थित बराकर वाटर प्रोजेक्ट से शहर के हर घर में जो पानी पहुँच रहा है, वह साफ नहीं बल्कि पीला और प्रदूषित हो गया है। इससे शहर में पीलिया, डायरिया और पेट संबंधी रोगों के फैलने की आशंका जताई जा रही है।

🔴 प्रदूषित पानी से अस्पताल में रोज़ पहुँच रहे मरीज

बराकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ए. राय के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से रोज़ाना 1-2 डायरिया के मरीज आ रहे हैं, जिनका इलाज आईवी फ्लूइड और दवाओं से किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो जल्द ही महामारी जैसी स्थिति बन सकती है।

🚰 बराकर नदी में बाढ़, समर पंप डूबा – इंजीनियर का बयान

बराकर वाटर प्रोजेक्ट के इंचार्ज समरचंद्र पाल ने बताया कि लगातार बारिश से बराकर नदी में जलस्तर बढ़ गया, जिससे समर पंप पानी में डूब गया है। मोटर से पानी खींचते समय केबल में प्लास्टिक और कचरा अटक जाता है जिससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। फिलहाल उनके पास इसका कोई विकल्प नहीं है।

🏠 लोग कर रहे खुद का इंतजाम, बढ़ रहा घरेलू खर्च

लोग मजबूरी में बाजार से बोतलबंद पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। स्टेशन रोड निवासी जय साव ने बताया कि “हम घर में जार का पानी ला रहे हैं। इससे हमारे महीने का बजट बिगड़ गया है।”

नमिता सरकार, बैगुनिया डाक बंग्ला निवासी, कहती हैं, “पानी को उबालकर छानकर पीना मजबूरी बन गया है, ताकि बच्चे बीमार न पड़ें।”

🔥 निगम की घोर लापरवाही, जनता में गुस्सा

स्थानीय निवासी वीरेन सोरेन का कहना है, “शुद्ध जल मुहैया कराना नगर निगम का दायित्व है, लेकिन निगम पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है।”
वहीं साथी गोराई ने कहा, “गरीब लोग हैं हम, मजबूरी में गंदा पानी पी रहे हैं, निगम को अब जागना होगा।”

✍️ निष्कर्ष:

बराकर के हजारों लोग आज शुद्ध पेयजल से वंचित हैं। बरसात और नदी के जलस्तर को ध्यान में रखते हुए वाटर प्रोजेक्ट की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजमी है। अगर प्रशासन और नगर निगम समय रहते जागरूक नहीं हुए, तो बराकर किसी बड़े जलजनित रोग संकट में फँस सकता है।

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