बर्दवान : बंगाली सिनेमा की अभिनेत्री सुमी हर चौधरी को हाल ही में पूर्व बर्दवान जिले में सड़क किनारे भटकते हुए देखा गया। शॉर्ट्स और काली शर्ट में एक कागज पर कुछ लिखती और बांग्ला और अंग्रेजी में असमंजस भरी बातें करती एक्ट्रेस को पहले तो राहगीरों ने नहीं पहचाना, लेकिन जब उन्होंने खुद को सुमी हर चौधरी एक्ट्रेस बोलकर अपना परिचय दिया, तब लोगों को समझ आया कि वो अभिनेत्री ही हैं। ये घटना कुछ दिन पहले की बताई जा रही है और अब इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
कैसे सामने आई अभिनेत्री की पहचान?
ये घटना पूर्व बर्दवान जिले के अमिला बाजार इलाके की है, जहां स्थानीय लोगों ने जब महिला को भटकते देखा तो पहले तो उन्होंने उसे एक आम महिला समझ कर नजरअंदाज किया। लेकिन उनकी लगातार दोहराई जा रही ‘मैं एक्ट्रेस हूं’ वाली बात ने कुछ लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। जब इंटरनेट पर उनके नाम की खोज की गई, तब उनकी फिल्मों और तस्वीरों के जरिए पुष्टि हुई कि वो वास्तव में वही अभिनेत्री हैं जो कुछ समय पहले तक पर्दे पर नजर आती थीं।
लोगों ने पुलिस को दी जानकारी
स्थानीय पुलिस ने जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की तो अभिनेत्री ने अपने बारे में अजीबों-गरीब जानकारियां दीं। पहली बार उन्होंने खुद को कोलकाता का निवासी बताया, तो दूसरी बार बोलपुर का। इसके बाद पुलिस ने बताया कि शायद पहले वो बेहाला (कोलकाता) में रहती थीं और बोलपुर में भी कुछ समय बिता चुकी हैं। फिलहाल अभिनेत्री को एक शेल्टर होम में भेज दिया गया है और उनके परिजनों की तलाश जारी है।
सिनेमा की दुनिया से अचानक गायब
सुमी हर चौधरी ने अपने करियर में ‘द्वितीय पुरुष’ और ‘खाशी कथा: ए गोट सागा’ जैसी चर्चित बंगाली फिल्मों में सपोर्टिंग रोल निभाए हैं। सृजीत मुखर्जी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘द्वितीय पुरुष’ को समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया पाई थी। वहीं ‘खाशी कथा’ जैसी फिल्म में नसीरुद्दीन शाह जैसे दिग्गज कलाकार के साथ काम करना भी उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही। इसके अलावा उन्होंने ‘रूपसागरे मोनेर मानुष’ और ‘तुमी आशे पासे थाकले’ जैसे शोज में भी काम किया।
पुलिस को है परिवार की तलाश
पुलिस अधिकारी अभिषेक मंडल के मुताबिक, बेहाला थाने को सूचित कर दिया गया है और अभिनेत्री के परिवार तक पहुंचने की पूरी कोशिश की जा रही है। लेकिन अब तक उनके परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है। अगर जल्द ही कोई संबंधी सामने नहीं आता, तो संभव है कि उन्हें लंबे समय तक शेल्टर होम में रहना पड़े।










