सुबह-सुबह डुगडुगी बजाते दिखे दिलीप घोष, कहा – “जिसका बजेगा वही समझेगा!”

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दुर्गापुर, बुधवार: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता दिलीप घोष अपने अनोखे अंदाज़ में चर्चा में हैं। बुधवार सुबह दुर्गापुर के चंडीदास बाजार में मॉर्निंग वॉक पर निकले दिलीप घोष हाथ में डुगडुगी लेकर कुर्सी पर बैठे, और राहगीरों के साथ चाय पर चर्चा की।

जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि यह डुगडुगी किसके लिए बजाई जा रही है, तो दिलीप घोष ने अपने चिर-परिचित व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा –
👉 “जिसका बजेगा, वही समझेगा!”

यह बयान सुनते ही वहां मौजूद समर्थकों और दुकानदारों में हंसी और कौतुहल फैल गया।

🔥 श्रमिक भट्टाचार्य के समर्थन में बोले घोष

राज्य भाजपा अध्यक्ष पद की रेस में श्रमिक भट्टाचार्य का नाम आगे चल रहा है। इस पर दिलीप घोष ने कहा,
🗣️ “श्रमिक भट्टाचार्य एक अनुभवी और जमीनी नेता हैं। पार्टी जिसे जिम्मेदारी देगी, वो उसे निभाएंगे।”

वहीं जब पूछा गया कि क्या वे खुद इस दौड़ में थे, तो उन्होंने हंसते हुए कहा –
“मैं सुबह से दौड़ता ज़रूर हूँ, लेकिन पद के लिए नहीं!”

🎯 दिलीप घोष का स्टाइल फिर बना चर्चा का विषय

राज्य की सियासत में दिलीप घोष के बयानों और अंदाज़ की हमेशा चर्चा होती रही है। कभी नंगे पांव वॉक, कभी तलवार चलाते हुए बयान, और अब डुगडुगी के साथ चाय पर चर्चा – हर बार वह कुछ ऐसा कर जाते हैं जो खबर बन जाता है।

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