आसनसोल।
बीते दिनों विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी द्वारा पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर “महा मिछिल” निकालने और गिरजा मोड़ पर जनसभा के आयोजन के बाद, तृणमूल कांग्रेस ने भी उसी स्थान से जवाबी शक्ति प्रदर्शन कर अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास कराया।
आसनसोल के आश्रम मोड़ से निकले इस विशाल मार्च में तृणमूल कांग्रेस के 10,000 से अधिक कार्यकर्ता और नेता सड़कों पर उतरे, जिससे साफ संदेश गया कि पार्टी अब न सिर्फ विपक्ष के हर कदम का जवाब देने के लिए तैयार है, बल्कि आंतरिक एकता और सांगठनिक ताकत को भी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर रही है।
📌 क्या था तृणमूल का संदेश?

- “हम एक थे, एक हैं और एक रहेंगे” — नेताओं ने मंच से यह साफ किया कि पार्टी में कोई गुटबाज़ी नहीं, सभी ममता बनर्जी के नेतृत्व में संगठित हैं।
- तृणमूल के वरिष्ठ नेताओं ने कहा, “बीजेपी के पास सिर्फ जुमले और नारे हैं, हमारे पास है जनता का विश्वास और बंगाल के विकास की ठोस योजनाएं।”
- पार्टी ने यह भी साफ कर दिया कि आगामी चुनावी वर्ष में तृणमूल पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी, और हर चुनौती को आत्मविश्वास के साथ स्वीकार करेगी।
🗣️ तृणमूल नेताओं के तीखे तेवर

कार्यक्रम में मौजूद एक वरिष्ठ नेता ने कहा:
“आसनसोल बीजेपी का गढ़ नहीं है, यह ममता दीदी का गढ़ है। शुभेंदु अधिकारी को यह समझ लेना चाहिए कि जनसभा से ज़मीन नहीं मिलती, ज़मीन पर काम करने से मिलती है।”
🌟 आयोजन की खास बातें:
- आश्रम मोड़ से गिरजा मोड़ तक विशाल मार्च
- सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी
- युवा मोर्चा और ट्रेड यूनियन के नेतृत्व में सशक्त प्रदर्शन
- ढोल-नगाड़ों, बैनर और नारों के साथ जोशपूर्ण माहौल










