दुर्गापुर/कोलकाता:
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष सोमवार को अपनी पत्नी के साथ दुर्गापुर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने दीघा के जगन्नाथ मंदिर को लेकर जारी विवाद पर अपनी बेबाक राय रखी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आतिथ्य का भी जिक्र किया।
🛕 “भगवान जहाँ हैं, वही धाम है” – दिलीप घोष का बड़ा बयान
मीडिया से बात करते हुए दिलीप घोष ने कहा—
“पुरी हो या दीघा, भगवान जगन्नाथ जहाँ भी हैं, वही स्थान धाम बन जाता है।”
उन्होंने भक्तों से अपील की कि वे इस विषय को लेकर कोई राजनीतिक या धार्मिक विवाद ना खड़ा करें। उनका मानना है कि श्रद्धा का स्थान किसी सीमित भूगोल में नहीं बंधा होता।
👩👩👦 पत्नी ने दीघा मंदिर के अनुभव को बताया ‘मन को छू लेने वाला’
दिलीप घोष की पत्नी ने भी अपने दीघा यात्रा के अनुभव को साझा करते हुए कहा:
“दीघा का मंदिर बहुत ही सुंदर, शांति और आध्यात्म से भरा हुआ अनुभव रहा।”
उन्होंने कहा कि किसी भी धर्मस्थल का सौंदर्य उसकी स्थापत्य कला के साथ-साथ वहां की श्रद्धा और ऊर्जा में होता है।
🫱🫲 ममता बनर्जी के आतिथ्य को बताया ‘सौहार्द्रपूर्ण’
दिलीप घोष ने दीघा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दिए गए आतिथ्य का आभार जताते हुए कहा:
“मुख्यमंत्री ने पूरी विनम्रता और सम्मान के साथ हमें आमंत्रित किया था।”
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे ममता बनर्जी को एक व्यक्ति के रूप में ‘नीति-निरपेक्ष’ मानते हैं यानी वह दीर्घकालिक राजनीतिक सोच के आधार पर नहीं चलतीं।
🤝 “दीघा मंदिर में आमंत्रण पर जाने का कोई पछतावा नहीं”
दिलीप घोष दंपत्ति ने साफ़ तौर पर कहा कि दीघा मंदिर में मुख्यमंत्री के आमंत्रण पर जाना उनका निजी और धार्मिक निर्णय था और उन्हें इस पर कोई अफसोस नहीं है।













