कोलकाता/आसनसोल:
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने ‘मिशन बंगाल’ को लेकर फुल स्पीड में कमान संभाल ली है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तूफानी दौरे के बाद अब गृह मंत्री अमित शाह भी बंगाल में एक्टिव हो गए हैं। उनकी यह यात्रा केवल राजकीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके पीछे चुनावी रणनीति की बड़ी पटकथा भी साफ नजर आई।
रविवार को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में अमित शाह एक हाई-लेवल पार्टी मीटिंग में हिस्सा लेंगे, जहां राज्य भर के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। यह बैठक भाजपा के लिए “ग्राउंड जीरो रिपोर्ट” तैयार करने और बूथ स्तर तक संगठन को धार देने की दिशा में बेहद अहम मानी जा रही है।
बर्दवान से रवाना हुआ भाजपा प्रतिनिधिमंडल
पश्चिम बर्दवान से जिला अध्यक्ष देबतनु भट्टाचार्य के नेतृत्व में भाजपा का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल ट्रेन द्वारा कोलकाता के लिए रवाना हुआ। इसमें स्थानीय नेता, युवा मोर्चा कार्यकर्ता और प्रमुख संगठन पदाधिकारी शामिल हैं, जो बैठक में भाग लेकर भविष्य की रणनीति तय करेंगे।
राजनीति के जानकार क्या कहते हैं?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अमित शाह का यह दौरा साफ संकेत है कि भाजपा बंगाल में 2026 के चुनाव को हल्के में नहीं लेने जा रही। पार्टी इस बार TMC को सीधी टक्कर देने के इरादे से माइक्रो लेवल की रणनीति बना रही है।
“2021 में जो चूक हुई, उसे 2026 में नहीं दोहराया जाएगा” – भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा।
क्या है भाजपा की नई रणनीति?
- ब्लॉक स्तर तक सांगठनिक समीक्षा
- कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन सत्र
- ‘बूथ जीतो – चुनाव जीतो’ अभियान को प्राथमिकता
- TMC सरकार के खिलाफ जन असंतोष को हथियार बनाना













