पंचायत कर्मचारियों की गरजती आवाज़: आठ सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

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📍 आसनसोल/पश्चिम बर्दवान:
पश्चिम बंगाल पंचायत पेंशन समिति ने शुक्रवार को आठ सूत्रीय मांगों को लेकर पश्चिम बर्दवान के जिलाशासक को ज्ञापन सौंपा। समिति ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह पंचायत कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से ले और तत्काल प्रभाव से समाधान करे।

🔴 क्या हैं समिति की मुख्य मांगे?

  1. महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो:
    समिति ने आर.जी. कर अस्पताल जैसी हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त सुरक्षा उपायों की मांग की। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देना सरकार की जिम्मेदारी है।
  2. पुरानी पेंशन योजना की बहाली:
    समिति ने राज्य सरकार से मांग की कि पंचायत कर्मचारियों को भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ मिलना चाहिए।
  3. DA (महंगाई भत्ता) केंद्र के बराबर हो:
    राज्य कर्मचारियों को मिलने वाला DA काफी कम है। समिति चाहती है कि इसे केंद्र सरकार के समान दरों पर लागू किया जाए।
  4. चिकित्सा सुविधाओं में सुधार हो:
    पंचायतकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर मेडिकल सुविधा देने की मांग की गई है।
  5. नियमित वेतन और सेवा शर्तों में सुधार:
    कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही, उनकी सेवा शर्तों में पारदर्शिता और सुधार की आवश्यकता है।
  6. सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी योजनाएं:
    बुज़ुर्ग कर्मचारियों के लिए वृद्धावस्था पेंशन, स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाएं शुरू करने की मांग की गई।

🗣 समिति की चेतावनी

समिति के प्रतिनिधियों ने साफ किया कि अगर सरकार ने इन मांगों को जल्द नहीं माना, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि राज्य की प्रशासनिक मजबूती का सवाल है।

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