दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल):
“ना पानी, ना सड़क, ना मकान – कब तक रहेंगे हम यूं ही परेशान?”
इन्हीं नारों के साथ गुरुवार को आदिवासी समाज ने दुर्गापुर नगर निगम कार्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बैनर, झंडों और ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे आदिवासियों ने नगर निगम में माफियाराज, उपेक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर आवाज़ उठाई।
मुख्य संगठन:
प्रदर्शन का आयोजन पश्चिम बंगाल आदिवासी जुमिद गांवता के बैनर तले किया गया। बड़ी संख्या में आदिवासी पुरुष और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में अपनी मांगों के साथ पहुंचे।
🛑 क्या थीं समस्याएं?
🔹 पीने के पानी की भारी किल्लत – कई इलाकों में हैंडपंप या पाइपलाइन की सुविधा नहीं
🔹 जर्जर सड़कें – बारिश में कीचड़ से भरी गलियां, वाहनों का चलना मुश्किल
🔹 पट्टा न मिलने की समस्या – जिसके कारण आदिवासी परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा
🔹 श्मशान व जाहेर थान की सुविधा नहीं – धार्मिक रीति-रिवाजों को निभाने के लिए कोई स्थल नहीं
🔹 निकासी की व्यवस्था नहीं – बरसात में जलजमाव और बीमारियों का खतरा
🔹 नगर निगम में कथित माफियाराज – आरोप लगाया गया कि योजनाएं दलालों के जरिये चलती हैं, असली हकदार वंचित रहते हैं
📢 प्रदर्शनकारियों ने क्या कहा?
एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा,
“हम आदिवासी हैं, पर क्या हम इंसान नहीं? हमें वोट के समय याद किया जाता है, लेकिन बाद में हमारी कोई सुनवाई नहीं होती। ना घर है, ना पानी, ना बिजली, और अब पट्टा भी नहीं मिल रहा।”
एक और प्रदर्शनकारी ने बताया:
“हमने कई बार आवेदन दिया है, लेकिन अधिकारी सुनते ही नहीं। माफिया और बिचौलियों का बोलबाला है। जिनके पास पैसे हैं, उन्हें घर मिलते हैं। गरीब और मूलवासी दर-दर भटकते हैं।”
📄 आठ सूत्रीय मांगें:
- सभी आदिवासी परिवारों को आवास के लिए जमीन का पट्टा
- हर मोहल्ले में पीने के पानी की स्थायी व्यवस्था
- जर्जर सड़कों की मरम्मत
- जल निकासी की उचित व्यवस्था
- आदिवासी धर्मस्थल (जाहेर थान) की मान्यता और स्थान
- श्मशान भूमि की सुविधा
- पीएम आवास योजना में प्राथमिकता
- नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम
🏛 क्या बोले प्रशासन?
प्रशासनिक समिति की चेयरपर्सन ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक विशेष समीक्षा बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की जाएगी और जरूरतमंदों को प्राथमिकता दी जाएगी।













