गरीब दुकानदारों में आक्रोश, तृणमूल कार्यालय बना विवाद का केंद्र
📍 स्थान: हटन रोड, आसनसोल | 📅 तारीख: 22 मई 2025
आसनसोल नगर निगम द्वारा हटन रोड के नाले पर बने अवैध फुटपाथ दुकानों को हटाने की मुहिम बिना किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण के अचानक रोक दी गई है, जिससे इलाके में ग़रीब दुकानदारों के बीच भारी असंतोष फैल गया है।
हालांकि कुछ दुकानदारों ने पहले ही मेयर और निगम अधिकारियों के आग्रह पर स्वेच्छा से अपनी दुकानें हटा ली थीं, लेकिन अब वे खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
🤔 सवालों के घेरे में निगम का फैसला
पिछले दो दिनों से नगर निगम द्वारा सख्त रणनीति, माइकिंग, और स्थलीय निरीक्षण के बाद अचानक यह निर्णय कई सवाल खड़े करता है:
- क्या यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया गया?
- क्या सभी दुकानदारों के साथ समान व्यवहार हुआ?
- जिन लोगों ने दुकानें हटा दीं, क्या उन्हें कोई मुआवजा मिलेगा?

😡 दुकानदार बोले — “हमने हटाया, वो आज भी दुकान चला रहे हैं!”
एक दुकानदार ने कहा:
“मेरे पास रोज़ी-रोटी का दूसरा कोई सहारा नहीं था, इसलिए प्रशासन की बात मानकर मैंने अपनी दुकान खुद ही हटा दी। लेकिन जब नगर निगम की टीम हटाने के लिए आई और अचानक काम बंद कर दिया, तब समझ नहीं आया कि ये सब क्या हो रहा है।”
🏢 तृणमूल कांग्रेस का दफ्तर भी निशाने पर
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जिस इलाके में सख्ती दिखाई गई, वहां तृणमूल कांग्रेस का दफ्तर आज भी नाले पर बना हुआ है।
“क्या सरकार सिर्फ आम दुकानदारों पर ही कार्रवाई करती है?” यह सवाल अब आम चर्चा का विषय बन चुका है।
📢 जनता के सवाल:
- क्या नगर निगम चुनाव से पहले राजनीतिक नुकसान से बचना चाह रहा है?
- क्या इस अभियान का मकसद सिर्फ शो ऑफ था?
- जिन लोगों ने नुकसान उठाया, क्या उन्हें मुआवज़ा मिलेगा?










