डीसड़गढ़ में हिंदू समाज का हुंकार: कश्मीर हमले के खिलाफ कैंडल मार्च, उठी एकता और न्याय की गूंज

single balaji

आसनसोल, डीसड़गढ़: कश्मीर में हुए अमानवीय आतंकी हमले के विरोध में डीसड़गढ़ में हिंदू समाज के लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र के प्रति एकजुटता का परिचय दिया। यह कैंडल मार्च केवल एक विरोध नहीं, बल्कि हिंदू समाज की आत्मा की पुकार बन गया।

डामोदर नदी के किनारे बसे इस शांतिप्रिय इलाके में गुरुवार शाम जैसे ही अंधेरा हुआ, लोगों ने हाथों में मोमबत्तियाँ लेकर सड़कों पर उतर कर अपने आक्रोश और दुख को उजाले में बदल दिया। इसमें स्थानीय युवक, महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

✊ “अब बहुत हुआ!” — बप्पा आचार्य का भावुक संबोधन

आयोजन के मुख्य वक्ता बप्पा आचार्य ने भावुक स्वर में कहा —

“मुर्शिदाबाद हो या कश्मीर, हर जगह हिंदू समाज को टारगेट किया जा रहा है। अब यह सहन नहीं किया जाएगा। हमें एकजुट होकर इस अन्याय के खिलाफ लड़ना होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि यह कैंडल मार्च केवल विरोध का प्रतीक नहीं, बल्कि हिंदू अस्मिता, चेतना और आत्मसम्मान की पुनर्जागरण यात्रा है।

hindu unity candle march2

📢 सरकार से माँग — “कड़ी कार्रवाई करो, वरना होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन”

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आतंकवाद के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ की मांग की और कहा कि अगर ऐसे हमलों पर तुरंत रोक नहीं लगी तो देशभर में जन आंदोलन खड़ा होगा।

❤️ पूरे इलाके में भावनात्मक लहर

इस शांतिपूर्ण प्रतिवाद ने केवल डीसड़गढ़ को ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों जैसे बराकर, कुल्टी और नियामतपुर तक भावनात्मक एकता की लहर दौड़ा दी है। कई इलाकों में युवाओं ने स्वतःस्फूर्त तरीके से श्रद्धांजलि सभा आयोजित की।

ghanty

Leave a comment