दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल: दुर्गापुर महकुमा अस्पताल में 22 वर्षीय प्रसूता लक्ष्मी मुर्मू की मौत ने चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का दावा है कि एक गलत इंजेक्शन की वजह से ही लक्ष्मी की मौत हुई। अस्पताल में भारी तनाव, हंगामा और अब राजनीतिक हस्तक्षेप—पूरा इलाका सन्न।
👶 प्रसव के बाद अचानक बिगड़ी हालत, इंजेक्शन से शुरू हुआ कम्पकंपी
लक्ष्मी को बुधवार को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं उसी दिन उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
लेकिन रात में अचानक पेट दर्द हुआ और डॉक्टरों ने एक इंजेक्शन दिया।
परिजनों के अनुसार, इंजेक्शन के तुरंत बाद ही लक्ष्मी की हालत बिगड़ गई और कांपने लगी। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
🗣️ “सुबह बताया मौत की खबर, जबकि रात में ही चल बसी थी मेरी बेटी” – पिता रूपचांद
लक्ष्मी के पिता रूपचांद हेम्ब्रम का आरोप है कि
“बेटी की मौत की जानकारी हमें सुबह दी गई, लेकिन उसकी मौत रात में ही हो गई थी। हमें समय पर कुछ नहीं बताया गया। ये अस्पताल की लापरवाही है। हम इंसाफ चाहते हैं।”
👮 हंगामे के बाद पहुँची पुलिस और कॉम्बैट फोर्स, माहौल तनावपूर्ण
अस्पताल में तनाव इतना बढ़ गया कि
न्यू टाउनशिप थाने की पुलिस और कॉम्बैट फोर्स को बुलाना पड़ा।
स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।
🧑⚕️ अस्पताल अधीक्षक का बयान: “मौत के कारणों की जांच होगी”
डॉ. धीमान मंडल, अस्पताल के अधीक्षक ने कहा:
“हर मौत दुखद होती है, लेकिन इस मामले में अभी वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है। हम एक जांच कमेटी बना रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।”
⚠️ तृणमूल नेता की चेतावनी: नहीं मिला इंसाफ तो जाएंगे कोर्ट
टीएमसी नेता पंकज राय सरकार ने कहा:
“इंजेक्शन लेने के बाद न सिर्फ लक्ष्मी, बल्कि कुछ अन्य महिलाओं की भी तबीयत बिगड़ी।
हमने लिखित शिकायत दी है। अगर निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।“
🔥 अब उठ रहे बड़े सवाल:
- क्या इंजेक्शन गलत था या डोज़ में चूक हुई?
- क्या ये मेडिकल नेगलिजेंस का मामला है?
- अन्य महिलाओं की तबीयत बिगड़ने की बात कितनी गंभीर?










