आसनसोल/मुर्शिदाबाद: मुर्शिदाबाद जिले में हाल ही में हुई हिंसा और हिंदू समुदाय पर बढ़ते अत्याचारों के विरोध में बंगीय हिंदू जागरण मंच ने बुधवार को पश्चिम बर्दवान के जिलाशासक कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की।
संगठन के सदस्यों ने दावा किया कि मुर्शिदाबाद में कट्टरपंथी तत्वों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है, और राज्य सरकार मौन तमाशबीन बनी हुई है।
📝 ज्ञापन में क्या मांग की गई?
- पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की विफलता को देखते हुए तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।
- मुर्शिदाबाद हिंसा की सीबीआई जांच हो।
- पीड़ित हिंदू परिवारों को मुआवजा और सुरक्षा दी जाए।
- राज्य सरकार के “पक्षपाती रवैये” पर केंद्र सरकार हस्तक्षेप करे।
🔊 जोरदार नारेबाजी, आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान मंच के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की—
“हिंदुओं पर हमला बंद करो!”,
“बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करो!”,
“जिहादियों को बख्शा नहीं जाएगा!”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती तो “बंगाल भर में बड़ा जनआंदोलन” किया जाएगा।
🗣️ नेताओं की प्रतिक्रिया
मंच के जिला संयोजक ने कहा:
“मुर्शिदाबाद में जो हुआ, वह सिर्फ एक शुरुआत है। अगर सरकार चुप रही, तो पूरा बंगाल सुलग उठेगा। हम शांतिपूर्ण हैं, लेकिन अब चुप नहीं रहेंगे।”
🧐 पृष्ठभूमि में क्या हो रहा है?
- मुर्शिदाबाद जिले के विभिन्न इलाकों में बीते कुछ दिनों में धार्मिक तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आईं।
- हिंदू परिवारों के घर जलाए जाने, दुकानों में तोड़फोड़ और धमकियों की खबरें वायरल हो चुकी हैं।
- स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं विपक्ष भी हमलावर है।
📌 निष्कर्ष:
बंगीय हिंदू जागरण मंच की यह मांग बंगाल की वर्तमान स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से और भी गरमाया जा सकता है।
चाहे राजनीति हो या प्रशासन—अब सबकी नजरें बंगाल पर टिकी हैं।










