आसनसोल (पश्चिम बर्धमान) : बुधवार को असनसोल-दुर्गापुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (ADDA) के मुख्य कार्यालय में दमकल विभाग द्वारा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, लेकिन जैसे ही आग बुझाने की असली कार्रवाई शुरू हुई — लोग घबरा गए और समझ बैठे कि कार्यालय में सचमुच आग लग गई है।
🚒 कर्मचारियों को दी गई आग से निपटने की ट्रेनिंग
दमकल अधिकारियों ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य था कि
“अगर कार्यालय में कभी वास्तविक आग लग जाए तो कर्मचारी घबराएं नहीं, बल्कि फायर एक्सटिंग्विशर और प्राथमिक उपायों से खुद भी स्थिति को कंट्रोल करें।“
- कर्मचारियों को बताया गया कि किस तरह फायर अलार्म बजाएं
- कैसे धुएं से बचें
- और कैसे प्राथमिक उपकरणों का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाएं
🧯 मॉक ड्रिल में हुई असली एक्शन की नकल, जनता रह गई हैरान!
जैसे ही मॉक ड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ और धुआं नजर आया, आस-पास मौजूद लोग घबरा गए।
“हम तो समझे सच में आग लग गई,” — बोले एक दुकानदार।
“हमारे बच्चे स्कूल से लौट रहे थे, डर के मारे भाग गए,” — एक स्थानीय महिला ने कहा।
हालांकि कुछ देर बाद दमकल कर्मियों ने लोगों को बताया कि यह केवल एक अभ्यास था, और किसी को घबराने की जरूरत नहीं।
📢 अधिकारियों का बयान:
“ऐसे अभ्यास समय-समय पर जरूरी हैं ताकि रियल इमरजेंसी में कोई जीवन न गंवाए। बहुत बार लोग घबराहट में गलत फैसले लेते हैं। ये ड्रिल्स उस घबराहट को कंट्रोल करने का तरीका सिखाती हैं।”
📸 ड्रिल के दौरान देखा गया:
- कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर चलाना सीखा
- एक काल्पनिक घायल को स्ट्रेचर पर ले जाया गया
- इमारत खाली कराने की प्रक्रिया की भी रिहर्सल हुई
📌 निष्कर्ष:
भले ही कुछ देर के लिए लोग घबरा गए, लेकिन ये मॉक ड्रिल साबित करती है कि ऐसे अभ्यास जीवन रक्षक हो सकते हैं। अगर हर कार्यालय, स्कूल और संस्था इसी तरह तैयार रहे — तो आपदा में भी राहत संभव है।










