आसनसोल: बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल का औद्योगिक शहर आसनसोल दो अलग-अलग जनआंदोलनों का गवाह बना। जहां एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी नोटिस को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला, वहीं दूसरी ओर राधानगर इलाके में भारी वाहनों से उड़ती धूल और प्रदूषण के खिलाफ स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर अपना गुस्सा जाहिर किया।
🟥 कांग्रेस का केंद्र के खिलाफ हल्लाबोल – “राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ सड़कों पर”
कांग्रेस ने जीटी रोड पर ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया और हटन रोड मोड़ पर रास्ता अवरुद्ध कर दिया, जिससे कई घंटे तक ट्रैफिक ठप रहा।
इस विरोध की अगुवाई कर रहे कांग्रेस नेता शाह आलम और प्रश्नजीत पॉइतुंडी ने कहा—
“ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग हो रहा है। गांधी परिवार को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस डरने वाली नहीं है।”
उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को दबाने का आरोप लगाते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।
🌫️ राधानगर में लोगों का फूटा गुस्सा – “हर सांस में जहर!”
वहीं, राधानगर के स्थानीय लोगों का धैर्य भी जवाब दे गया।
छाई और राख से उड़ती धूल ने जीवन दूभर कर दिया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि:
- हर दिन भारी ट्रकों से निकलने वाली राख के कारण श्वास, एलर्जी और त्वचा रोग तेजी से बढ़ रहे हैं
- दुकानदारों के सामान पर लगातार धूल की परत चढ़ जाती है
- बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है
प्रदर्शनकारियों ने घंटों सड़क पर बैठकर प्रशासन का ध्यान खींचा।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को एक सप्ताह के भीतर समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद अवरोध हटाया गया।
🔥 आसनसोल में विरोध की दो तस्वीरें – एक राजनीतिक, एक सामाजिक, लेकिन दर्द साझा है!
इन दोनों आंदोलनों ने यह साफ कर दिया है कि जनता अब अन्याय, उत्पीड़न और उपेक्षा को चुपचाप सहने को तैयार नहीं है। चाहे वह राजनीतिक प्रतिशोध हो या प्रदूषण से स्वास्थ्य का संकट— आसनसोल की जनता अब सड़कों पर उतरने लगी है।













