संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती पर आसनसोल मंडल में श्रद्धा व सम्मान से मनाया गया विशेष समारोह
आसनसोल : भारतीय संविधान के निर्माता, सामाजिक न्याय के महानायक और दलित समाज के मसीहा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आज पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में बड़ी श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कार्यालय परिसर में एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
🪷 संविधान निर्माता को पुष्पांजलि अर्पण
मंडल रेल प्रबंधक ने डॉ. अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय योगदान को याद किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा,
“बाबा साहब ने सिर्फ संविधान नहीं रचा, बल्कि एक समतामूलक भारत का सपना भी बुना। उनका जीवन हमें सिखाता है कि संघर्ष से ही बदलाव आता है।”
💬 डॉ. अंबेडकर की विरासत आज भी प्रासंगिक
डॉ. अंबेडकर न केवल एक प्रखर न्यायविद और अर्थशास्त्री थे, बल्कि उन्होंने दलितों, महिलाओं और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनके सिद्धांत – स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व – आज भी देश की नींव को मजबूत कर रहे हैं।
👥 समारोह में रही गरिमामयी उपस्थिति
इस श्रद्धांजलि सभा में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के शाखा अधिकारी, कर्मचारीगण और मान्यता प्राप्त यूनियनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब के चित्र पर फूल अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनकी प्रेरणा को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
🔈 आसनसोल मंडल में गूंजा – “जय भीम! बाबासाहेब अमर रहें!”
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से बाबा साहब को नमन करते हुए ‘जय भीम!’ के नारे लगाए। पूरे परिसर में समरसता, प्रेरणा और समानता की भावना स्पष्ट रूप से झलक रही थी।
📸 सोशल मीडिया पर भी श्रद्धांजलि की बाढ़
रेलवे कर्मियों और अधिकारियों ने इस कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। #JaiBhim #AmbedkarJayanti #AsansolDRMOffice जैसे हैशटैग्स पर श्रद्धांजलि पोस्ट्स ट्रेंड करते रहे।













