कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, मालदा और हुगली जिलों में वक्फ संपत्तियों को लेकर बढ़ते विवाद और हिंसा के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार की विफलता को देखते हुए मुर्शिदाबाद में केंद्रीय बलों की तैनाती का निर्देश दिया है।
🗣 शुभेंदु अधिकारी का तीखा हमला:
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए ममता सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा,
“केंद्रीय बल एक्सपर्ट हैं, कश्मीर की तरह मुर्शिदाबाद को भी ठंडा कर देंगे। राज्य पुलिस स्थिति को संभालने में पूरी तरह फेल है। जहाँ भी हिंसा होती है, वहाँ CRPF और BSF जैसी फोर्स जिलाधिकारियों के साथ मिलकर हालात को तुरंत काबू में ले आती है।”
शुभेंदु ने ये बयान उस समय दिया जब वह हनुमान जयंती के जुलूस में शामिल हो रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार की ढिलाई और तुष्टिकरण की नीति ने ही बंगाल को जलने दिया।
🛑 हिंसा की भयावहता:
- शमशेरगंज में पिता-पुत्र की पीट-पीटकर हत्या, शव BSF ने बरामद किए
- पुलिस की गाड़ियां जलाई गईं, अधिकारी घायल, दर्जनों गिरफ्तारियां
- स्कूल, दुकानें, मंदिरों और घरों में तोड़फोड़
- मालदा-मुर्शिदाबाद के कई इलाकों में इंटरनेट बंद
🔍 शुभेंदु का आरोप: “अंसारुल्लाह बांग्ला टीम है हिंसा के पीछे”
शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि यह हिंसा स्वाभाविक नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित है। उन्होंने कहा,
“कुछ उग्रवादी संगठन, जैसे अंसारुल्लाह बांग्ला टीम, बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में अपने पैर जमा रहे हैं। मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में कट्टरपंथी गतिविधियाँ बढ़ी हैं। ये हालात उसी का परिणाम हैं।”
📣 बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने भी साधा निशाना:
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने भी ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा,
“राज्य सरकार तुष्टिकरण की राजनीति में इतनी लिप्त हो चुकी है कि वो दंगाइयों के खिलाफ एक्शन लेने के बजाय केंद्रीय बलों की तैनाती रोकने में लगी थी। लेकिन हाईकोर्ट ने सच्चाई को पहचाना।”













