आसनसोल (सीतला ग्राम) : बंगाल की सांस्कृतिक आत्मा एक बार फिर जीवंत हो उठी है, जब पोइला बोइशाख (बंगाली नववर्ष) के स्वागत में सीतला ग्राम स्थित शिव मंदिर परिसर में पारंपरिक खोल और करताल वाद्य यंत्रों का वितरण किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में राज्य के कानून और श्रम मंत्री श्री मलय घटक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने स्वयं श्रद्धालुओं व कीर्तन मंडलियों को ये वाद्य यंत्र भेंट किए।
“खोल की थाप और करताल की झंकार में बसती है हमारी संस्कृति” — मलय घटक
मंत्री ने कहा,
“बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं हमारी पहचान हैं। इन्हें जीवित रखना केवल कलाकारों की ही नहीं, हम सभी की जिम्मेदारी है। यह आयोजन एक छोटा प्रयास है, लेकिन इसकी गूंज बहुत दूर तक जाएगी।”
धार्मिक भजनों से गूंजा मंदिर परिसर, आध्यात्मिक माहौल में झूमे श्रद्धालु
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन का भी आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय कीर्तन मंडलियों ने भाग लिया। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल छा गया। सीतला ग्राम, गोपालपुर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।
नववर्ष की तैयारी पूरे जोरों पर, 15 अप्रैल को होगा भव्य उत्सव
आयोजकों ने बताया कि 15 अप्रैल को बंगाली नववर्ष के दिन शिव मंदिर परिसर में विशाल कीर्तन, पूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस मौके पर पारंपरिक परिधान, स्थानीय व्यंजन और लोकगीतों की प्रस्तुति भी की जाएगी।










