आसनसोल | 10 अप्रैल, 2025: डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) ने बुधवार को आसनसोल के साउथ थाना के सामने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह आंदोलन 26,000 बर्खास्त शिक्षकों की बहाली की मांग को लेकर किया गया, जिनकी नियुक्ति को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है।
🧑🏫 “शिक्षकों को मिला धोखा, अब सड़कों पर न्याय की गुहार!”
DYFI के नेता विक्टर आचार्य ने इस दौरान तीखा हमला करते हुए कहा:
“यह ममता बनर्जी सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम है। जब शिक्षक शांतिपूर्वक अपनी मांग रखते हैं, तो सरकार लाठीचार्ज और दमन का सहारा लेती है। आज हम इसी तानाशाही के खिलाफ थाने के सामने खड़े हैं।”
🚨 सड़कों पर उतरे छात्र-युवा, गूंजे नारे:
प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में पूर्व शिक्षक, छात्र और युवा शामिल हुए। उनके हाथों में बैनर थे और वे नारे लगा रहे थे:
- “26 हज़ार नहीं सहेंगे अन्याय!”
- “शिक्षा को बचाओ, शिक्षकों को बहाल करो!”
- “ममता सरकार होश में आओ!”
📜 प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें:
- 26,000 बर्खास्त शिक्षकों की तत्काल बहाली
- भ्रष्ट नियुक्ति प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच
- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई पर रोक
- शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही
⚖️ क्यों बर्खास्त हुए थे शिक्षक?
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया था कि कई शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता और नियमों का उल्लंघन हुआ है, जिसके कारण उनकी बहाली रद्द कर दी गई। लेकिन शिक्षक और DYFI का कहना है कि दोषियों की जगह निर्दोषों को सज़ा दी जा रही है।










