जामुड़िया: पश्चिम बंगाल में अवैध बालू खनन को लेकर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। अजय नदी बचाओ कमेटी और बालू माफिया के बीच तनातनी इस कदर बढ़ गई कि इलाके में भारी तनाव का माहौल बन गया। बुधवार को चिचोरिया ग्राम पंचायत के डंगालपाड़ा गांव की महिलाओं ने सड़क जाम कर अवैध बालू कारोबार का विरोध किया और बालू से लदी गाड़ियों को रोक दिया।

👉 महिला प्रदर्शनकारियों पर हमला, एक गंभीर रूप से घायल
👉 ग्रामीण बोले- “सड़कों पर हादसे बढ़ रहे, बालू माफिया बेलगाम!”
👉 प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई
महिलाओं का विरोध, बालू माफियाओं का हमला!

गांव की महिलाओं का कहना है कि अवैज्ञानिक रूप से अजय नदी से बालू निकालकर भारी वाहनों में लोड किया जा रहा है। ये गाड़ियां गांव के संकरे रास्तों से गुजरती हैं, जिससे सड़कें बर्बाद हो रही हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।
जब महिलाएं विरोध कर रही थीं, तभी कुछ बालू माफियाओं ने उन्हें हटाने की कोशिश की और मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में मेनका गोप नामक महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें पहले बहादुरपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोट के कारण आसनसोल जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

बालू माफिया बेलगाम, प्रशासन पर उठ रहे सवाल
👉 गांव वालों ने कहा- मुख्यमंत्री के आदेश का हो रहा उल्लंघन!
👉 प्रशासन अब तक खामोश, कब रुकेगा अवैध बालू उत्खनन?
👉 पुलिस पहुंची लेकिन सिर्फ प्रदर्शनकारियों को हटाकर लौटी!

पुलिस शिकायत दर्ज, लेकिन क्या बालू माफिया पर होगी कार्रवाई?
घायल महिला मेनका गोप ने केंदा फाड़ी में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को हटाया, लेकिन अवैध खनन रोकने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द कोई सख्त कार्रवाई नहीं की, तो वे और भी बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।













