आसनसोल: अवैध बालू खनन की जाँच करने पहुंचे बीजेपी नेता और आसनसोल के पूर्व मेयर जीतेंद्र तिवारी को शुक्रवार को जबरदस्त विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। जामुड़िया के दरबारडांगा घाट पर निरीक्षण के दौरान कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया और “जीतेंद्र तिवारी गो बैक” के नारे लगाने लगे।
🛑 बढ़ते तनाव के बीच धक्का-मुक्की, पुलिस ने संभाला मोर्चा!

📌 शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे जैसे ही जीतेंद्र तिवारी घाट पर पहुंचे, भीड़ ने उन्हें घेर लिया।
📌 विरोध इतना उग्र हो गया कि धक्का-मुक्की की नौबत आ गई।
📌 स्थिति बिगड़ती देख जामुड़िया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया।
📌 इसके बाद जीतेंद्र तिवारी वहां से निकलकर बीजेपी कार्यालय चले गए।

🚨 विरोधियों पर बड़ा आरोप! विपक्ष की साजिश?
📌 जीतेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि विरोध करने वालों को विपक्ष ने गुमराह किया था।
📌 उन्होंने कहा कि उन्होंने लोगों की समस्याएँ सुनीं और समझने के बाद ही लौटे।
📌 बीजेपी नेताओं का दावा है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी ताकि अवैध बालू खनन पर जाँच न हो सके।

🌊 बालू खनन से जल संकट की आशंका! तिवारी ने जताई चिंता
📌 अवैज्ञानिक तरीकों से बालू खनन किए जाने से इलाके में भारी जल संकट पैदा होने की आशंका है।
📌 जीतेंद्र तिवारी ने कहा कि नदी की गहराई कम होने से भू-जल स्तर गिर सकता है, जिससे आने वाले दिनों में कृषि और पीने के पानी की समस्या बढ़ सकती है।
📌 उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी के खिलाफ शिकायत नहीं कराना चाहते, लेकिन प्रशासन को इस पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

⚡ क्या यह सिर्फ विरोध था या अवैध बालू माफिया की चाल?
📢 स्थानीय लोगों का मानना है कि यह विरोध बालू माफिया की चाल हो सकती है, ताकि इस अवैध कारोबार पर लगाम न लगाई जा सके।
📌 अब देखना यह होगा कि प्रशासन अवैध बालू खनन के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है?













